वाराणसी में दालमंडी प्रोजेक्ट का ध्वस्तीकरण तेज, 45 भवनों पर कार्रवाई

वाराणसी के दालमंडी प्रोजेक्ट में ध्वस्तीकरण की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है। प्रशासन ने 45 भवनों पर कार्रवाई शुरू की है, जिसमें 25 भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है। इस प्रोजेक्ट का लक्ष्य 31 अगस्त तक पूरा करना है। जानें इस परियोजना की पूरी जानकारी और प्रशासन की योजनाएं।
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दालमंडी प्रोजेक्ट का ध्वस्तीकरण

उत्तर प्रदेश के वाराणसी जिले में दालमंडी प्रोजेक्ट की समय सीमा के नजदीक आते ही प्रशासन ने कार्रवाई को तेज कर दिया है। आज, शनिवार को सुबह 11 बजे से दालमंडी में एक बड़ी कार्रवाई शुरू हुई है। पीडब्ल्यूडी और वीडीए की संयुक्त कार्रवाई में तीन बुलडोजर शामिल हैं। प्रशासन ने बताया कि जिन 45 भवनों को ध्वस्त किया जा रहा है, उनमें से 25 भवनों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जबकि 20 भवनों को नगर निगम ने जर्जर घोषित किया है.


वाराणसी में दालमंडी प्रोजेक्ट का ध्वस्तीकरण तेज, 45 भवनों पर कार्रवाई


कार्रवाई के लिए बड़ी संख्या में पैरा मिलिट्री और विभिन्न थानों की पुलिस बल मौके पर तैनात है। उनके संरक्षण में बुलडोजर की कार्रवाई जारी है। PWD के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर केके सिंह ने बताया कि आज की कार्रवाई 45 भवनों पर हो रही है। इन 45 भवनों के ध्वस्तीकरण के बाद, कुल 110 भवनों को ध्वस्त किया जाएगा। अब तक विभाग द्वारा 39 करोड़ रुपये का मुआवजा वितरित किया जा चुका है.


दालमंडी प्रोजेक्ट की समय सीमा

केके सिंह ने जानकारी दी कि 31 मई तक दालमंडी की जमीन को खाली कर लिया जाएगा। जबकि प्रोजेक्ट को 31 अगस्त तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। 225 करोड़ रुपये की इस परियोजना में नई सड़क से चौक के बीच 650 मीटर लंबी दालमंडी गली को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाएगा। पहले 181 भवन और 6 मस्जिदें ध्वस्तीकरण के दायरे में थीं, लेकिन अब केवल 71 भवन और 6 मस्जिदें ही शेष हैं.


दालमंडी में चौड़ीकरण परियोजना पर PWD पिछले कई महीनों से कार्यरत है। शेष 71 भवन और 6 मस्जिदों को ध्वस्त करने का कार्य इस महीने पूरा किया जाएगा। इसके बाद अगले तीन महीनों में इस प्रोजेक्ट को पूरा कर लिया जाएगा। PWD ने पहली बार 29 अक्टूबर 2025 को मकान तोड़ने की प्रक्रिया शुरू की थी। आज की कार्रवाई में 300 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जो हेलमेट और सुरक्षा गार्ड पहनकर क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रख रहे हैं.