लॉरेंस बिश्नोई गैंग का गुर्गा राजपाल सिंह ने किया सरेंडर
उज्जैन में सरेंडर
उज्जैन समाचार: उज्जैन की नागदा पुलिस को उस समय आश्चर्य हुआ जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य राजपाल सिंह ने रत्नयाखेड़ी गांव में आत्मसमर्पण कर दिया। राजपाल ने 19 मार्च को खरगोन के बिलगांव में व्यापारी दिलीप सिंह राठौर के घर पर गोलीबारी की थी और इस हमले की जिम्मेदारी भी ली थी। उसने पुलिस को बताया कि दिलीप सिंह राठौर पर छोटी बच्चियों के प्रति गलत नजर रखने और किसानों पर अत्याचार करने का आरोप लगाया। इसी कारण उसने उसे सबक सिखाने के लिए यह हमला किया था, जिसका CCTV फुटेज भी वायरल हुआ था। जानकारी के अनुसार, दिलीप सिंह राठौर से 10 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी गई थी।
पुलिस की परेशानियों का सामना
राजपाल सिंह ने मीडिया को दिए अपने बयानों में कहा कि पुलिस उसके परिवार को लगातार परेशान कर रही थी। उन्होंने बताया कि घर की महिलाओं को थाने ले जाकर पूछताछ की गई। राजपाल ने कहा कि वे राजपूत हैं और उनके समुदाय में महिलाओं को थाने या कोर्ट ले जाना गलत माना जाता है, इसलिए उन्होंने खुद सरेंडर करने का निर्णय लिया।
गैंग का उद्देश्य
राजपाल ने स्पष्ट किया कि उनकी गैंग का मुख्य उद्देश्य पीड़ितों और असहाय लोगों की मदद करना है। उन्होंने कहा कि वे हमेशा ऐसे लोगों की सहायता करते रहेंगे और जब भी कोई परेशान होगा, उनकी गैंग उसके साथ खड़ी रहेगी।
गद्दारी और गिरफ्तारी
हालांकि राजपाल सिंह ने नागदा पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है, लेकिन उसने यह भी बताया कि उसके भाई योगेश भाटी को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। राजपाल ने कहा कि कुलदीप ने गैंग के साथ गद्दारी की और पुलिस से मिल गया, जिसके कारण उनकी पूरी गैंग को पकड़ा जा रहा है।
रॉकेट लॉन्चर हमले में नाम
राजपाल ने यह भी कहा कि पुलिस उसके परिवार को परेशान कर रही थी, इसलिए उसने सरेंडर किया। उसने दावा किया कि देशभर की सुरक्षा एजेंसियों और कई राज्यों की पुलिस पहले भी उससे पूछताछ कर चुकी है। उल्लेखनीय है कि राजपाल का नाम पंजाब के मोहाली में हुए रॉकेट लांचर हमले में भी आया था, जिसमें NIA ने उसे और योगेश भाटी को पूछताछ के लिए बुलाया था।
