ललित मोदी ने BCCI के 2400 करोड़ के नुकसान पर उठाए सवाल

ललित मोदी ने आईपीएल के मौजूदा ढांचे पर सवाल उठाते हुए कहा है कि बीसीसीआई हर सीजन में 2400 करोड़ रुपये का नुकसान कर रही है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी चिंताओं को व्यक्त करते हुए बताया कि कैसे नई टीमों के जुड़ने के बावजूद मैचों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई है। मोदी का मानना है कि होम एंड अवे फॉर्मेट की कमी से टीमों को आर्थिक नुकसान हो रहा है। जानें उनके विचार और इस पर उनका तर्क क्या है।
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आईपीएल से होने वाली कमाई पर ललित मोदी की चिंता

ललित मोदी ने BCCI के 2400 करोड़ के नुकसान पर उठाए सवाल


आईपीएल (IPL) के एक सीजन से बीसीसीआई (BCCI) लगभग 1 बिलियन अमेरिकी डॉलर की कमाई करता है, जो कि क्रिकेट की अन्य प्रमुख लीगों की तुलना में कहीं अधिक है। फिर भी, आईपीएल के संस्थापक ललित मोदी का मानना है कि हर सीजन में बीसीसीआई को कम से कम 2400 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है। उन्होंने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी बात रखी है।


ललित मोदी आईपीएल 2026 के दौरान लगातार अपनी टिप्पणियों के लिए चर्चा में हैं।


BCCI के निर्णय पर ललित मोदी की नाराजगी

आईपीएल में दो नई टीमों के जुड़ने के बावजूद मैचों की संख्या में कोई वृद्धि नहीं हुई है। इस पर स्पोर्टस्टार को दिए गए एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने कहा,


“हर मैच से होने वाली कमाई का 50 प्रतिशत बीसीसीआई को मिलता है और बाकी 50 प्रतिशत टीमों में बांट दिया जाता है। ऐसे में टीमें अब हर सीजन 20 मैचों की कमाई गंवा रही हैं। ये एक कॉन्ट्रैक्ट की जिम्मेदारी है कि टीमें जितनी फीस दे रही हैं, उसके बदले उन्हें होम एंड अवे मैच खेलने का मौका मिले।”


होम एंड अवे फॉर्मेट के महत्व पर बात करते हुए मोदी ने कहा,


“आईपीएल की असली वैल्यू होम एंड अवे फॉर्मेट में ही छिपी है। अगर आपके कैलेंडर में मैचों के लिए जगह नहीं थी, तो आपको टीमों की संख्या नहीं बढ़ानी चाहिए थी। बात सीधी है कि हमने इस तरह से आईपीएल को नहीं बेचा था। क्या सभी टीमों ने इस बदलाव पर अपनी सहमति दी है? मैं गारंटी के साथ कह सकता हूं कि उन्होंने ऐसा नहीं किया होगा।”


BCCI को हो रहा है 2400 करोड़ का नुकसान

टीमों की संख्या 10 होने के बाद आईपीएल में मैचों की संख्या 94 होनी चाहिए थी। इस पर ललित मोदी ने कहा,


“अगर आज होम-एंड-अवे आधार पर 94 मैच होते और हर मैच की कीमत 118 करोड़ रुपये होती, तो सिर्फ मीडिया राइट्स से ही 2,400 करोड़ रुपये की एक्स्ट्रा कमाई होती।”


उन्होंने आगे कहा,


“BCCI के लिए 2,400 करोड़ रुपये का एक्स्ट्रा रेवेन्यू होता। इसमें से 1,200 करोड़ रुपये 10 टीमों को मिलते, हर टीम को 120 करोड़ रुपये और टीमों की वैल्यू अपने आप ही बढ़ जाती।”