लखनऊ में महिला अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला, आरोपी निलंबित

लखनऊ में एक नगर निगम कर्मचारी पर महिला अधिकारी के खिलाफ यौन उत्पीड़न का गंभीर आरोप लगा है। आरोपी प्रवीण कुमार धानुक को निलंबित कर दिया गया है। महिला अधिकारी ने व्हाट्सएप पर भेजे गए अश्लील संदेशों के स्क्रीनशॉट उच्चाधिकारियों को सौंपे। नगर आयुक्त ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सख्त कार्रवाई की है। विशाखा कमेटी द्वारा मामले की जांच की जाएगी, और यदि दोष सिद्ध होता है, तो आरोपी को बर्खास्त भी किया जा सकता है। यह घटना नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाती है।
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यौन उत्पीड़न का गंभीर मामला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी में कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न और अनुशासनहीनता का एक गंभीर मामला सामने आया है। नगर निगम के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने एक महिला अधिकारी को अश्लील और आपत्तिजनक संदेश भेजकर सभी सीमाएं लांघ दीं। उच्च अधिकारियों को मामले की जानकारी मिलने के बाद आरोपी कर्मचारी को तुरंत निलंबित कर दिया गया।


व्हाट्सएप संदेशों ने खोली पोल

नगर निगम में कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी प्रवीण कुमार धानुक, जो हाल ही में स्थानीय निकाय निदेशालय से जुड़े थे, पर आरोप है कि उन्होंने एक महिला अधिकारी को लगातार व्हाट्सएप पर आपत्तिजनक और प्रेम भरे संदेश भेजे। महिला अधिकारी ने साहस दिखाते हुए इन अश्लील संदेशों के स्क्रीनशॉट उच्चाधिकारियों को सौंप दिए।


नगर आयुक्त का सख्त कदम

नगर आयुक्त गौरव कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रवीण को निलंबित करने का आदेश दिया। अपर नगर आयुक्त पंकज श्रीवास्तव के अनुसार, प्रारंभिक जांच में प्रवीण को दोषी पाया गया है और उसका यह कृत्य कर्मचारी आचरण नियमावली का उल्लंघन है।


विशाखा कमेटी करेगी जांच

इस मामले की गहन जांच के लिए स्थानीय निकाय निदेशालय ने विशाखा कमेटी का गठन किया है, जो कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न की रोकथाम के लिए बनाई गई है। नगर निगम के कर निर्धारण अधिकारी नंद किशोर को मुख्य जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। यदि विशाखा कमेटी की रिपोर्ट में प्रवीण को दोषी पाया जाता है, तो उसे सेवा से बर्खास्त भी किया जा सकता है।


नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल

इस घटना ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, कई कर्मचारी वेतन तो निगम से ले रहे हैं, लेकिन वे अन्य विभागों या प्रभावशाली अधिकारियों के आवासों पर कार्य कर रहे हैं। स्थानीय निकाय निदेशालय में तैनात कई कर्मचारी अधिकारियों के संरक्षण के कारण मनमानी कर रहे हैं। महिला अधिकारियों ने पहले भी अभद्रता की शिकायतें की थीं, लेकिन ठोस कार्रवाई न होने के कारण ऐसे कर्मचारियों के हौसले बुलंद बने रहे।