लखनऊ में बुजुर्ग महिला की हत्या: बहू और प्रेमी पर आरोप

लखनऊ के निशातगंज इलाके में एक बुजुर्ग महिला, निर्मला देवी, की हत्या के मामले में उनकी बहू और प्रेमी को आरोपी बनाया गया है। पुलिस ने जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य उजागर किए हैं, जिसमें सीसीटीवी फुटेज और डॉग स्क्वॉड की मदद शामिल है। जानें कैसे इस हत्या की साजिश रची गई और आरोपी किस तरह से पुलिस की जांच में शामिल होते रहे।
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लखनऊ में हत्या की सनसनीखेज वारदात

लखनऊ के महानगर थाना क्षेत्र से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। निशातगंज इलाके की गली नंबर-3 में एक 69 वर्षीय महिला, निर्मला देवी, की हत्या कर दी गई। पुलिस ने इस मामले में मृतका की बहू और उसके प्रेमी को मुख्य आरोपी माना है। दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।


निर्मला देवी के पति का निधन लगभग दो साल पहले हुआ था, और वह अपने बेटे और बहू के साथ रह रही थीं। शनिवार को उनके पोते ने घर लौटकर देखा कि दादी मृत अवस्था में पड़ी हैं, उनके हाथ-पैर बंधे हुए थे। इसके बाद तुरंत पुलिस को सूचित किया गया।


पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर जांच शुरू की, और प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत हुआ। उस समय मृतका का बेटा ड्यूटी पर था, जबकि घर में बहू और छोटी बेटी मौजूद थीं। पुलिस को बहू के व्यवहार में असामान्यता दिखाई दी, जिसके चलते उसे हिरासत में लिया गया। जांच में यह भी पता चला कि घर का सीसीटीवी कैमरा दोपहर 2 बजे से 4 बजे के बीच बंद था।


पुलिस ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की, जिसमें एक किरायेदार, राजन शर्मा, घर से बाहर निकलते हुए दिखाई दिया। इस दौरान कोई अन्य बाहरी व्यक्ति घर में नहीं आया। घटना के बाद कैमरा फिर से चालू हो गया, जिससे संदेह और गहरा हो गया।


मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड को बुलाया गया। खोजी डॉग ने राजन शर्मा के पास जाकर रुकने का संकेत दिया, जो पुलिस के लिए महत्वपूर्ण साबित हुआ। जब पुलिस ने राजन से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने हत्या की बात स्वीकार कर ली।


पूछताछ में यह भी सामने आया कि राजन और मृतका की बहू रंजना के बीच अवैध संबंध थे, जिसका परिवार के अन्य सदस्यों ने विरोध किया था। निर्मला देवी इस रिश्ते का विरोध करती थीं, जिससे बहू और उसके प्रेमी के बीच तनाव बढ़ गया था। इसी कारण दोनों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।


शनिवार को जब घर के पुरुष सदस्य बाहर थे, तब रंजना और राजन ने मिलकर निर्मला देवी की गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या के बाद उन्होंने शव को कमरे में छोड़ दिया। राजन का व्यवहार हत्या के बाद भी संदिग्ध था, क्योंकि वह पुलिस की गतिविधियों पर नजर रखता रहा और जांच में सहयोग करने का दिखावा करता रहा।