लखनऊ में फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बने युवक-युवती की कहानी

लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक युवक और युवती पुलिस की वर्दी में घूमते हुए पकड़े गए। उनकी कम उम्र और फर्जी पहचान ने सुरक्षा कर्मियों का ध्यान खींचा। पूछताछ में पता चला कि वे एक धोखाधड़ी का शिकार हुए हैं, जिसमें उन्हें पुलिस इंस्पेक्टर बनाने का झांसा दिया गया था। जानें इस अनोखे मामले की पूरी कहानी और क्या कार्रवाई की गई।
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लखनऊ में फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बने युवक-युवती की कहानी gyanhigyan

लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर अनोखा मामला

लखनऊ में फर्जी पुलिस इंस्पेक्टर बने युवक-युवती की कहानी


लखनऊ के चारबाग रेलवे स्टेशन पर एक युवक और युवती पुलिस की वर्दी में घूमते हुए नजर आए। उनकी वर्दी में कई खामियां थीं, जो लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही थीं। जब स्टेशन पर तैनात सुरक्षा कर्मियों ने उन पर ध्यान दिया, तो उनकी उम्र को देखकर हैरान रह गए। दोनों की उम्र इतनी कम थी कि इस उम्र में लोग बीए भी नहीं कर पाते।


जीआरपी की टीम ने जब इनकी गतिविधियों पर नजर रखी, तो उन्हें संदेह हुआ और उन्होंने सीओ जीआरपी को सूचित किया। पूछताछ के दौरान, दोनों ने बताया कि उन्हें डीजीपी मुख्यालय के पास चिड़ियाघर में ड्यूटी पर बुलाया गया था।


सीओ ने जब उनसे गहराई से पूछताछ की, तो पता चला कि वे फर्जीवाड़े का शिकार हुए हैं। दोनों ने बताया कि वे कौशांबी से ट्रेन से लखनऊ आए थे और वर्दी पहनकर घूम रहे थे। उनकी कम उम्र के कारण जीआरपी के सिपाहियों को उन पर शक हुआ।


अजय प्रकाश, जो कौशांबी का निवासी है, ने बताया कि कुछ लोग पुलिस में इंस्पेक्टर बनाने के लिए युवाओं से पैसे ले रहे थे। उसने पांच लाख रुपये और कलावती ने चार लाख रुपये दिए थे। उन्हें कोई ट्रेनिंग नहीं दी गई थी, बस एक फॉर्म भरवाया गया था।


सीओ जीआरपी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और फर्जी वर्दी पहनने के आरोप में दोनों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।