राहुल गांधी ने मोदी पर लगाया व्यापार समझौते को लेकर गंभीर आरोप

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने संसद के बाहर प्रधानमंत्री मोदी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसमें उन्होंने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के अचानक संपन्न होने पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि मोदी डरे हुए हैं और उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले लोग अब सामने आ रहे हैं। राहुल ने व्यापार समझौते के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी और कहा कि यह समझौता पिछले चार महीनों से रुका हुआ था। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और राहुल के अन्य आरोप।
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राहुल गांधी ने मोदी पर लगाया व्यापार समझौते को लेकर गंभीर आरोप

राहुल गांधी का बयान

कांग्रेस के नेता राहुल गांधी, जिन्हें लोकसभा में बोलने की अनुमति नहीं मिली, ने संसद के बाहर कहा कि चार महीने से रुका भारत-अमेरिका व्यापार समझौता अचानक कैसे पूरा हुआ। उन्होंने केंद्र सरकार से इस समझौते के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी। राहुल ने प्रधानमंत्री मोदी पर आरोप लगाया कि वे देश को बेचने का काम कर रहे हैं और कहा कि मोदी डरे हुए हैं क्योंकि उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने वाले लोग अब सामने आ रहे हैं।


व्यापार समझौते पर सवाल

राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी चिंतित हैं। पिछले कुछ महीनों से रुका हुआ (भारत-अमेरिका) व्यापार समझौता कल रात नरेंद्र मोदी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। उन पर काफी दबाव है, और उनकी छवि को लेकर चिंता है। उन्होंने कहा कि यह पहली बार है जब राष्ट्रपति के भाषण में विपक्ष के नेता को बोलने की अनुमति नहीं दी गई। मोदी जी ने इस व्यापार समझौते में जनता की मेहनत को बेच दिया है।


अमेरिका में चल रहे मामलों का जिक्र

राहुल ने कहा कि मोदी जी डरे हुए हैं क्योंकि जिन लोगों ने उनकी छवि बनाई, वही अब उसे बिगाड़ रहे हैं। उन्होंने अमेरिका में अडानी जी के खिलाफ चल रहे मामले का उल्लेख किया, जो वास्तव में मोदी जी पर भी असर डाल रहा है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने अभी तक एपस्टीन फाइल्स में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ जारी नहीं की हैं, जिससे मोदी पर दबाव बढ़ रहा है।


लोकसभा में हंगामा

राहुल गांधी ने लोकसभा में हंगामे के बीच पूर्व सेना प्रमुख के अप्रकाशित 'संस्मरण' का हवाला देते हुए एक प्रमाणित प्रति प्रस्तुत की। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि जब फैसला पहले ही सुनाया जा चुका है, तो अप्रत्यक्ष संदर्भ देने का कोई मतलब नहीं है।


दबाव और छवि का गुब्बारा

राहुल गांधी ने यह भी कहा कि उन्हें बोलने नहीं दिया गया क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी पर भारी दबाव है। उन्होंने कहा कि पिछले चार महीनों से अटका व्यापार समझौता अचानक प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हस्ताक्षरित किया गया। यह महत्वपूर्ण है कि जनता को यह समझना चाहिए कि किसने मोदी जी पर दबाव डाला और यह कैसे हुआ।