राजस्थान सरकार ने गेहूं किसानों के लिए MSP में वृद्धि की घोषणा की

राजस्थान सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में वृद्धि की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में, किसानों को 150 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस मिलेगा, जिससे कुल MSP 2735 रुपये प्रति क्विंटल हो जाएगा। मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने खरीद प्रक्रिया की समीक्षा की और सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े। इस वर्ष खरीद केंद्रों की संख्या में भी वृद्धि की गई है, और किसानों की सुविधा के लिए टाइम स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था लागू की गई है।
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मुख्यमंत्री ने किसानों को दी राहत

जयपुर। राजस्थान सरकार ने गेहूं उत्पादक किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण राहत की घोषणा की है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में, राज्य ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में 150 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस जोड़ने का निर्णय लिया है। इससे किसानों को गेहूं बेचने पर कुल 2735 रुपये प्रति क्विंटल मिलेंगे, जो कि देश में सबसे अधिक है।


समीक्षा बैठक में उठाए गए कदम

इस संबंध में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास ने सचिवालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया। बैठक में गेहूं खरीद प्रक्रिया-2026 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए उन्होंने सभी संबंधित एजेंसियों को निर्देश दिए कि किसानों को किसी भी प्रकार की कठिनाई का सामना नहीं करना पड़े और प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध रखा जाए।


खरीद एजेंसियों को दिए गए निर्देश

मुख्य सचिव ने भारतीय खाद्य निगम (FCI), राजफेड, तिलम संघ, नेफेड, एनसीसीएफ और आरएसएफसीएससी जैसी खरीद एजेंसियों को निर्देशित किया कि वे खरीद केंद्रों पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि गेहूं की आवक शुरू होने वाली है, इसलिए तुलाई और खरीद कार्य समय पर शुरू किया जाना चाहिए।


भुगतान प्रणाली को मजबूत करने पर जोर

उन्होंने आधार आधारित भुगतान प्रणाली को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि किसानों के खातों में समय पर राशि पहुंचनी चाहिए। इसके लिए बैंकिंग व्यवस्था को सुचारू रखा जाना चाहिए। साथ ही, खरीद केंद्रों पर पर्याप्त मात्रा में बारदाना उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए।


खरीद केंद्रों की संख्या में वृद्धि

इस वर्ष राज्य में खरीद केंद्रों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि की गई है। पिछले वर्ष 327 केंद्रों की तुलना में इस वर्ष 471 केंद्र स्थापित किए गए हैं, जो कि 44 प्रतिशत अधिक हैं। किसानों की सुविधा के लिए पोर्टल के माध्यम से टाइम स्लॉट बुकिंग की व्यवस्था भी लागू की गई है, जिससे किसान अपनी सुविधा के अनुसार फसल कटाई के समय बिक्री का स्लॉट तय कर सकते हैं।


सीमा निगरानी के निर्देश

मुख्य सचिव ने यह भी निर्देश दिया कि पड़ोसी राज्यों से गेहूं की अवैध आवक को रोकने के लिए सीमा क्षेत्रों पर कड़ी निगरानी रखी जाए, ताकि राज्य के किसानों को ही बोनस का लाभ मिल सके।