राजस्थान रोडवेज की नि:शुल्क यात्रा योजना में बड़ा घोटाला, 7 गिरफ्तार
झालावाड़ में फर्जी टिकट घोटाला
राजस्थान के झालावाड़ में रोडवेज की नि:शुल्क यात्रा योजना में एक बड़ा घोटाला सामने आया है। एसटीडी गिरोह और अनुबंधित बस चालकों ने प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों के नाम पर नकली टिकट जारी कर सरकार को करोड़ों का नुकसान पहुंचाया। पुलिस ने ऑपरेशन क्लीन राइड के तहत इस मामले की जांच की और विभिन्न जिलों से गिरोह के 7 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
फर्जीवाड़े का तरीका
राजस्थान सरकार की निशुल्क परीक्षा यात्रा योजना के तहत प्रतियोगी परीक्षाओं (जैसे REET, पटवारी, RSI आदि) में भाग लेने वाले अभ्यर्थियों को परीक्षा से 2 दिन पहले से 2 दिन बाद तक मुफ्त यात्रा की सुविधा मिलती है। गिरोह ने इसका दुरुपयोग किया:
- गिरोह के सदस्यों ने विभिन्न जिलों (जैसे बारां, भीलवाड़ा, मंदसौर, धौलपुर, करौली, चित्तौड़गढ़, दौसा आदि) के अभ्यर्थियों के नाम पर नकली प्रवेश पत्र बनवाए।
- इन नकली एडमिट कार्डों के आधार पर बस कंडक्टर और चालकों ने जीरो अमाउंट (मुफ्त) के टिकट जारी किए।
- वे असली यात्रियों से किराया लेते थे, लेकिन रिकॉर्ड में 50 से 75 प्रतिशत टिकटों को मुफ्त दिखाते थे।
- इससे रोडवेज को भारी राजस्व हानि हो रही थी, क्योंकि असल में यात्रा होने पर भी टिकट कलेक्शन नहीं हो रहा था।
गिरफ्तारियों और पुलिस का बयान
झालावाड़ के पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि जांच के दौरान गिरोह के सदस्यों से पूछताछ में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ मिलीं। पहले चरण में 30 जनवरी को झालावाड़, कोटा और बारां से एसटीडी गिरोह के 8 सदस्यों को पकड़ा गया था। अब दूसरे चरण में निशुल्क यात्रा योजना के फर्जीवाड़े में शामिल 7 और लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों में शामिल हैं:
- शाहनवाज (झालावाड़)
- अंकित गुर्जर (झालरापाटन)
- राधेश्याम बैरवा (कोटा) – इनके पास बड़ी संख्या में फर्जी प्रवेश पत्र मिले
- गिरीश जोशी (बांसवाड़ा)
- उमेश पुरोहित (बांसवाड़ा)
- नरेन्द्र टांक (जोधपुर)
- दिनेश वैष्णव (केकड़ी, अजमेर)
पुलिस ने आरोपी राधेश्याम बैरवा के पास विभिन्न जिलों के अभ्यर्थियों के फर्जी एडमिट कार्ड बरामद किए, जो अन्य शहरों के परीक्षा केंद्रों के लिए इस्तेमाल हो रहे थे।
पुलिस की कार्रवाई का प्रभाव
ऑपरेशन क्लीन राइड के परिणामस्वरूप झालावाड़ रोडवेज बस स्टैंड पर टिकट कलेक्शन में दोगुनी वृद्धि हुई है। पुलिस का कहना है कि यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और रोडवेज को 40% तक राजस्व नुकसान पहुंचा रहा था। जांच जारी है, और और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
