मेरठ में सीबीआई की 19 घंटे लंबी रेड, एडिशनल डायरेक्टर को गाजियाबाद ले जाया गया
सीबीआई की रेड का समापन
मेरठ में सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम (सीजीएचएस) के कार्यालय में सीबीआई द्वारा की गई छापेमारी लगभग 19 घंटे बाद समाप्त हुई। इसके बाद, सीबीआई की टीम ने एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ, डॉ. नताशा वर्मा को अपने साथ गाजियाबाद के लिए रवाना किया। उन्हें गाजियाबाद स्थित सीबीआई कोर्ट में पेश किया जाएगा.
मामले का संक्षिप्त विवरण
नौचंदी थाना क्षेत्र के सूरजकुंड में सीजीएचएस की डिस्पेंसरी स्थित है, जहां एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ का कार्यालय भी है। गुरुवार शाम, दो सफेद गाड़ियाँ डिस्पेंसरी के मुख्य दरवाजे से अंदर गईं। गाड़ी से उतरते ही लोग एडिशनल डायरेक्टर के कार्यालय की ओर बढ़े और मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर दिया।
सीबीआई की कार्रवाई से हड़कंप
डिस्पेंसरी में मौजूद लोग कुछ समय तक स्थिति को समझ नहीं पाए, लेकिन जैसे ही उन्होंने सीबीआई टीम को एडिशनल डायरेक्टर के कार्यालय में जाते देखा, वहां हड़कंप मच गया। सभी को तुरंत समझ में आ गया कि सीबीआई की रेड चल रही है। इसके बाद, सीबीआई ने पूरे कार्यालय को अपने नियंत्रण में ले लिया और अपर निदेशक स्वास्थ्य से पूछताछ शुरू की।
पिछली रेड का संदर्भ
यह सीजीएचएस की डिस्पेंसरी में सीबीआई की दूसरी रेड है, जो महज 9 महीने के भीतर हुई है। 12 अगस्त 2025 को भी सीबीआई ने इसी तरह की कार्रवाई की थी, जिसमें तत्कालीन एडिशनल डायरेक्टर अजय कुमार और कार्यालय अधीक्षक लवेश सोलंकी को हिरासत में लिया गया था। उन पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
स्टाफ को रोका गया
सीबीआई की टीम के डिस्पेंसरी में पहुंचते ही वहां हड़कंप मच गया। जैसे ही अन्य विभागों के स्टाफ ने स्थिति को समझा, वे बाहर निकलने की कोशिश करने लगे, लेकिन टीम ने उन्हें रोक दिया और सहयोग करने की अपील की। इसके परिणामस्वरूप, कई घंटों तक स्टाफ को डिस्पेंसरी में रोका गया।
एडिशनल डायरेक्टर के आवास की ओर रवाना
सीबीआई की एक टीम एडिशनल डायरेक्टर, जो एक महिला हैं, को उनके गंगानगर स्थित आवास की ओर ले जा रही है। पिछले मामलों में भी सीबीआई ने इसी तरह की कार्रवाई की थी, जिसमें उन्होंने तत्कालीन एडिशनल डायरेक्टर के घर की तलाशी ली थी। इस बार भी टीम महिला अधिकारी को उनके घर ले जाने की संभावना है।
