मेरठ में पिता ने 5 महीने तक बेटी की लाश को छुपाकर रखा

मेरठ में एक पिता ने अपनी बेटी की मृत्यु के बाद उसकी लाश को पांच महीने तक अपने घर में छुपाकर रखा। यह घटना रिश्तेदारों के शक और पुलिस जांच के बाद सामने आई। जब पुलिस ने घर में प्रवेश किया, तो वहां का दृश्य भयावह था। प्रियंका का शव अब केवल हड्डियों का ढांचा बन चुका था। इस मामले ने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया है। जानिए इस चौंकाने वाली घटना के पीछे की कहानी और परिवार की पुरानी त्रासदी के बारे में।
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खौफनाक सच का खुलासा

मेरठ में एक पिता ने अपनी बेटी की मृत्यु के बाद उसकी लाश को पांच महीने तक अपने घर में छुपाकर रखा। यह घटना पूरे इलाके में हड़कंप मचा रही है।


मेरठ में पिता ने 5 महीने तक बेटी की लाश को छुपाकर रखा


सोचिए, एक व्यक्ति दिनभर की मेहनत के बाद घर लौटता है और उसे अपनी प्यारी बेटी की लाश दिखाई देती है। सामान्यतः कोई भी व्यक्ति तुरंत पुलिस को सूचित करता है। लेकिन इस मामले में पिता ने अपनी बेटी की लाश के साथ ही घर में रहने का निर्णय लिया।


यह घटना उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से संबंधित है, जहां एक पिता ने अपनी बेटी की मृत्यु के बाद शव को घर में रखा और पांच महीने तक किसी को नहीं बताया।


कैसे हुआ इस राज का खुलासा?

यह घटना मेरठ के सदर क्षेत्र के तेली मोहल्ले की है। उदय भानु बिस्वास नामक व्यक्ति अपनी 34 वर्षीय बेटी प्रियंका के साथ रहते थे। प्रियंका के रिश्तेदारों ने जब उदय भानु का पता नहीं लगाया, तो उन्होंने उसे खोजने का प्रयास किया।


एक दिन प्रियंका के चचेरे भाई ने उदय भानु को फोन किया। पहले तो उन्होंने फोन काट दिया, लेकिन बाद में जब बात की, तो बताया कि प्रियंका की तबीयत खराब है और उसे देहरादून के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह सुनकर रिश्तेदारों को शक हुआ।


फिर, जब उन्हें पता चला कि उदय भानु को एक चाय की दुकान पर देखा गया है, तो वे वहां पहुंचे और उन्हें पकड़ लिया।


घर के अंदर का भयावह दृश्य

रिश्तेदारों ने उदय भानु को घर ले जाकर पूछताछ की। अंततः उन्होंने स्वीकार किया कि प्रियंका की लाश घर के अंदर है। जब पुलिस ने घर में प्रवेश किया, तो वहां का दृश्य भयावह था।


घर में हर जगह कूड़ा बिखरा हुआ था और बदबू फैली हुई थी। प्रियंका का शव अब केवल हड्डियों का ढांचा बन चुका था। यह खबर सुनकर पूरा मोहल्ला इकट्ठा हो गया। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार किया और उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।


क्या था पूरा मामला?

जांच में पता चला कि प्रियंका की मृत्यु लगभग पांच महीने पहले हुई थी। वह कंप्यूटर सब्जेक्ट की टीचर थीं। उदय भानु ने लोगों को बताया कि वह देहरादून में काम कर रहे हैं।


पुलिस की प्रारंभिक जांच से पता चला कि उदय भानु घर के अंदर ही रह रहे थे और लाश से आने वाली दुर्गंध को छिपाने के लिए उन्होंने परफ्यूम का इस्तेमाल किया।


उदय भानु ने बताया कि प्रियंका को काला पीलिया हो गया था और उनकी हालत बिगड़ती गई। अंततः उनकी मृत्यु हो गई।


परिवार की पुरानी त्रासदी

इस घटना के पीछे एक दुखद कहानी भी है। 2013 में उदय भानु की पत्नी ने आत्महत्या कर ली थी, जिससे प्रियंका बहुत प्रभावित हुई थी।


पुलिस ने उदय भानु को हिरासत में लिया है और आगे की जांच जारी है। यह मामला मानसिक स्वास्थ्य और पारिवारिक रिश्तों की जटिलताओं को उजागर करता है।