मुंबई में सीएनजी की कीमतों में फिर से वृद्धि, जानें नए दाम

मुंबई महानगर क्षेत्र में सीएनजी की कीमतों में ₹2 प्रति किलो की वृद्धि हुई है, जिससे लाखों वाहन चालकों पर वित्तीय बोझ बढ़ गया है। नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और अन्य क्षेत्रों में लागू हो गई हैं। इस वृद्धि का मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव बताया गया है। सार्वजनिक परिवहन पर इसका असर पड़ने की संभावना है, जिससे टैक्सी और ऑटो के किराए में बढ़ोतरी की मांग उठ सकती है।
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मुंबई में सीएनजी की कीमतों में फिर से वृद्धि, जानें नए दाम gyanhigyan

महंगाई का नया झटका मुंबई में

मुंबई महानगर क्षेत्र में एक बार फिर से आम जनता को महंगाई का सामना करना पड़ा है। सीएनजी के दामों में अचानक वृद्धि की गई है, जिससे लाखों वाहन चालकों की जेब पर असर पड़ना तय है। महानगर गैस लिमिटेड ने सीएनजी की कीमत में ₹2 प्रति किलो की बढ़ोतरी की है। यह नई दरें मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई सहित पूरे एमएमआर क्षेत्र में तुरंत प्रभाव से लागू हो गई हैं.


सीएनजी की नई कीमतें

महानगर गैस लिमिटेड द्वारा की गई इस वृद्धि के बाद अब मुंबई में सीएनजी का नया रेट 84 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है। इससे पहले सीएनजी की कीमत 82 रुपये प्रति किलो थी। अचानक हुई इस वृद्धि ने उन हजारों लोगों को झटका दिया है, जिन्होंने पेट्रोल-डीजल के विकल्प के रूप में सीएनजी को अपनाया था.


नई दरें पूरे MMR क्षेत्र में लागू

यह नई कीमतें केवल मुंबई शहर तक सीमित नहीं हैं। एमजीएल की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, बढ़े हुए दाम मुंबई के साथ-साथ ठाणे, नवी मुंबई, मीराभायंदर और कल्याण-डोंबिवली समेत पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में प्रभावी होंगे। इसका मतलब है कि पूरे क्षेत्र के लाखों वाहन मालिकों पर इसका सीधा वित्तीय बोझ पड़ेगा.


क्या बढ़ेंगे ऑटो और टैक्सी के किराए?

सीएनजी की कीमतों में वृद्धि का सबसे बड़ा असर सार्वजनिक परिवहन पर पड़ता है। मुंबई की लाइफलाइन मानी जाने वाली कालीपीली टैक्सी और ऑटो रिक्शा पूरी तरह से सीएनजी पर निर्भर हैं। ऐसे में चालक यूनियनों की ओर से किराए में बढ़ोतरी की मांग उठना लाजमी है। यदि आने वाले दिनों में टैक्सी और ऑटो का किराया बढ़ता है, तो इसका सीधा असर मुंबई के आम मुसाफिरों की जेब पर पड़ेगा.


कीमतों में वृद्धि का कारण

महानगर गैस लिमिटेड ने इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव को मुख्य कारण बताया है। हालांकि, उपभोक्ता इस फैसले से नाखुश हैं क्योंकि पिछले कुछ महीनों में यह दूसरी बार है जब सीएनजी के दाम बढ़ाए गए हैं.