महाराष्ट्र में ‘तलवार बाबा’ की गिरफ्तारी, लोगों का शोषण करने का आरोप
तलवार बाबा की गिरफ्तारी
महाराष्ट्र में भोंदू बाबा अशोक खरात के बाद, पुलिस ने एक और बाबा की धोखाधड़ी का पर्दाफाश किया है। यह मामला बिलोली तहसील के बडूर गांव से संबंधित है। ज्ञानेश्वर करडे, जो खुद को ‘तलवार बाबा’ बताता था, को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोप है कि यह बाबा नंगी तलवार लेकर लोगों को डराता था और बीमारियों के इलाज के नाम पर उनका मानसिक और आर्थिक शोषण करता था।
पुलिस की जांच में पता चला है कि ज्ञानेश्वर पिछले चार साल से अपना दरबार चला रहा था। वह दावा करता था कि उसके पास दैवीय शक्तियां हैं, जिससे वह गंभीर बीमारियों, पारिवारिक झगड़ों और बुरी शक्तियों का समाधान कर सकता है। दरबार के दौरान, वह महिलाओं और बच्चों के बीच डर पैदा करता था ताकि लोग उसके सामने झुकें।
जालसाजी के तरीके
आरोपी केवल डराने तक सीमित नहीं था, बल्कि नींबू और अन्य तांत्रिक टोटकों के माध्यम से भोले-भाले ग्रामीणों को अपने जाल में फंसाता था। समाधान के नाम पर वह लोगों से बड़ी रकम और कीमती सामान लेता था। स्थानीय लोगों की शिकायतों के बाद, सब-डिविजनल पुलिस ऑफिसर श्याम पानेगांवकर और इंस्पेक्टर अतुल भोसले के नेतृत्व में पुलिस ने छापेमारी की।
पुलिस कार्रवाई और समर्थन
छापेमारी के दौरान, तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास से जुड़ी कई सामग्री जब्त की गई। इस कार्रवाई के दौरान बाबा के समर्थकों ने पुलिस के साथ बहस की और सरकारी कार्य में बाधा डालने की कोशिश की। पुलिस ने मुख्य आरोपी के साथ-साथ उसके सहयोगियों शिवकांत मेलारे और नबाजी वाघेकर के खिलाफ महाराष्ट्र जादूटोना विरोधी कानून के तहत मामला दर्ज किया है।
महाराष्ट्र अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति (अनीस) के सदस्य कमलाकर जामदाड़े ने इस पुलिस कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने कहा कि समाज में डर फैलाकर शोषण करने वाले बाबाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई आवश्यक है। पुलिस इंस्पेक्टर अतुल भोसले ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के अंधविश्वास के झांसे में न आएं और ठगी होने पर तुरंत पुलिस को सूचित करें।
