मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों को गिरफ्तार किया

मणिपुर के इंफाल पूर्व जिले में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही तेंगनौपाल जिले से विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। हाल के महीनों में जातीय हिंसा के चलते सुरक्षा बलों ने लगातार तलाशी अभियान चलाए हैं। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और मणिपुर की स्थिति के बारे में।
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मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों के सदस्यों को गिरफ्तार किया

मणिपुर में सुरक्षा कार्रवाई

इंफाल पूर्व जिले में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों के तीन सदस्यों को पकड़ा है, जबकि तेंगनौपाल जिले से विस्फोटक सामग्री भी बरामद की गई है। यह जानकारी पुलिस ने शुक्रवार को साझा की।


एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार को इंफाल पूर्व के पैलेस गेट क्षेत्र से कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (एमसी प्रोग्रेसिव) के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। इसी दिन नोंगदा क्षेत्र से प्रेपाक (प्रो) के एक सदस्य को उसके घर से पकड़ा गया।


बुधवार को एक अलग अभियान में चूड़ाचांदपुर जिले के संगाईकोट से एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से 36 किलोग्राम से अधिक अफीम मिली।


अधिकारी ने बताया कि बृहस्पतिवार को तेंगनौपाल जिले के तराओ लामखाई क्षेत्र से सुरक्षा बलों ने तीन देसी ‘पोंपी’ मोर्टार, एक स्थानीय रूप से निर्मित तोप, एक आईईडी और तीन हथगोले बरामद किए।


बुधवार को भारत-म्यांमा सीमा के पास मोरेह थाना क्षेत्र के यांगौबुंग गांव में तीन आईईडी को निष्क्रिय किया गया। इसके अलावा, बृहस्पतिवार को चूड़ाचांदपुर जिले के सैकुल गांव से हथियारों और विस्फोटकों का एक बड़ा जखीरा भी बरामद हुआ।


मई 2023 में जातीय हिंसा के बाद से मणिपुर में सुरक्षा बल लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। मेइती और कुकी-जो समुदायों के बीच हुई हिंसा में 260 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह के पिछले वर्ष इस्तीफे के बाद केंद्र सरकार ने मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू किया था।