मणिपुर में नई सरकार का गठन: वाई खेमचंद सिंह बने मुख्यमंत्री
मणिपुर में नई राजनीतिक दिशा
एक फुटबॉल खिलाड़ी के बाद अब मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी एक अंतरराष्ट्रीय ताइक्वांडो विशेषज्ञ संभालने जा रहे हैं। भाजपा सरकार की कमान पहले एन. बिरेन सिंह के पास थी, लेकिन लगभग एक साल के राष्ट्रपति शासन के बाद अब युमनाम खेमचंद सिंह को भाजपा और एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया है। आज इम्फाल में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के विधायक दल के नेता वाई खेमचंद सिंह ने राज्य में सरकार बनाने का दावा पेश किया। भाजपा की मणिपुर इकाई की अध्यक्ष ए. शारदा देवी ने बताया कि सिंह के नेतृत्व में राजग की टीम ने राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की और सरकार बनाने का दावा प्रस्तुत किया। इस प्रतिनिधिमंडल में चुराचंदपुर और फेरजॉल के कुकी-जो बहुल जिलों के दो विधायक शामिल थे।
खेमचंद सिंह की पृष्ठभूमि
खेमचंद सिंह की छवि एक अनुशासित और संवाद पर जोर देने वाले नेता की रही है। वह पारंपरिक दक्षिण कोरियाई ताइक्वांडो में 5th डैन ब्लैक बेल्ट हासिल करने वाले पहले भारतीय हैं। उन्होंने कम उम्र से ही मार्शल आर्ट्स का अभ्यास शुरू किया और पूर्वोत्तर भारत में ताइक्वांडो को लोकप्रिय बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। असम और मणिपुर में ताइक्वांडो को बढ़ावा देने का श्रेय भी उन्हें दिया जाता है।
राजनीतिक अनुभव
राजनीतिक जीवन में उनका अनुभव भी काफी व्यापक है। वह 2017 से सिंगजामेई विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इससे पहले वह मणिपुर विधानसभा के स्पीकर (2017-2022) रह चुके हैं और बाद में राज्य मंत्रिमंडल में शामिल होकर नगर प्रशासन, ग्रामीण विकास, पंचायती राज और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विभागों का कार्यभार संभाल चुके हैं। उनकी प्रशासनिक समझ और संगठनात्मक क्षमता के कारण वह पार्टी के भीतर एक भरोसेमंद चेहरे माने जाते हैं।
सामाजिक समरसता की पहल
हाल के समय में खेमचंद सिंह ने सामाजिक समरसता की दिशा में भी पहल की है। 2023 में भड़की जातीय हिंसा के बाद उन्होंने कूकी-जो समुदाय के गांवों का दौरा कर संवाद की कोशिश की, जिसे सकारात्मक पहल के रूप में देखा गया। इससे उनकी छवि एक ऐसे नेता की बनी जो तनावग्रस्त हालात में भी संवाद और मेल-मिलाप का रास्ता अपनाने में विश्वास रखता है। भाजपा नेतृत्व द्वारा उन्हें सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना जाना इस बात का संकेत है कि पार्टी राज्य में स्थिरता, संतुलन और शांति बहाली के लिए एक अनुभवी और स्वीकार्य चेहरे पर दांव लगा रही है।
मुख्यमंत्री बनने की प्रक्रिया
62 वर्षीय खेमचंद सिंह को नई दिल्ली में भाजपा मुख्यालय में हुई पार्टी विधायकों की बैठक में विधायक दल का नेता चुना गया। इस बैठक में भाजपा के 37 विधायकों में से 35 विधायक शामिल थे। किपगेन को नई सरकार में उप मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावना है। भाजपा के दो विधायक स्वास्थ्य कारणों से बैठक में अनुपस्थित थे।
राजग के घटक दलों का समर्थन
इसके बाद, मणिपुर भवन में एक और बैठक हुई, जिसमें राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के घटक दलों के विधायक उपस्थित थे। इनमें नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के छह, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के पांच और तीन निर्दलीय और भाजपा के विधायक शामिल थे। उन्होंने सिंह को राजग विधायक दल का नेता और किपगेन को उपनेता बनाए जाने का समर्थन किया।
भाजपा की रणनीति
पिछले कुछ महीनों में, भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने मेइती और कुकी विधायकों, सहयोगी एनपीएफ और एनपीपी और कुछ निर्दलीय विधायकों के साथ कई दौर की बैठकें कीं। 14 दिसंबर को, भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन), बीएल संतोष और पार्टी नेता संबित पात्रा ने मेइती और कुकी समुदायों के भाजपा विधायकों से दिल्ली में मुलाकात की थी।
समर्थकों का जश्न
मंगलवार शाम को इंफाल के सिंगजामेई इलाके में भाजपा विधायक वाई खेमचंद सिंह के घर पर सैकड़ों लोग जश्न मनाने के लिए उमड़ पड़े। शुभचिंतकों और समर्थकों ने उनके परिवार के सदस्यों को बधाई दी, पटाखे फोड़े और सड़कों पर नृत्य किया। नवनिर्वाचित नेता वाई खेमचंद सिंह ने कहा है कि वह राज्य में सभी समुदायों के बीच सहानुभूति, करुणा और सद्भाव को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
