भोपाल में नौकरी के बहाने युवतियों का शोषण: दो बहनों की गिरफ्तारी

भोपाल में दो बहनों, अमरीन और अफरीन, को युवतियों को नौकरी के बहाने फंसाने, बलात्कार और जबरन धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके एक साथी को भी हिरासत में लिया है। यह मामला तब सामने आया जब दो महिलाओं ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। आरोपियों ने गरीब लड़कियों को घरेलू नौकरी का प्रपोजल देकर फंसाया। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है, यह जानने के लिए कि क्या यह नेटवर्क अन्य राज्यों में भी फैला हुआ है।
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भोपाल में दो बहनों की गिरफ्तारी

भोपाल में अमरीन और अफरीन नाम की दो बहनों को युवतियों को नौकरी के बहाने फंसाने, बलात्कार और जबरन धर्मांतरण के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने इनके एक साथी चंदन यादव को भी हिरासत में लिया है, जबकि तीन अन्य आरोपी अभी भी फरार हैं.


कैसे सामने आया मामला?

पुलिस के अनुसार, रविवार रात दो महिलाओं ने बाग़ सेवानिया थाने में शिकायत दर्ज कराई। दोनों की शिकायतें अलग थीं, लेकिन तरीक़ा एक जैसा था। पहली शिकायत छत्तीसगढ़ की 21 वर्षीय युवती ने की, जबकि दूसरी भोपाल की 32 वर्षीय महिला ने.


आरोपियों का तरीका

अमरीन और अफरीन, जो पहले अब्बास नगर के झुग्गी में रहती थीं, हाल ही में सागर रॉयल विला में शिफ्ट हुई थीं। माना जा रहा है कि यह घर युवतियों के शोषण से कमाए गए पैसे से खरीदा गया। लड़कियों को घरेलू नौकरी का प्रपोजल दिया गया, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें पार्टियों और पब में ले जाया गया।


बलात्कार और धमकियों के आरोप

मुंगेली की युवती ने बताया कि दिसंबर 2025 में उसे अहमदाबाद ले जाया गया और वहां यासिर ने उसका बलात्कार किया। भोपाल की पीड़िता ने कहा कि चंदन यादव ने अमरीन के घर में उसका बलात्कार किया। पीड़िता ने धमकी का भी आरोप लगाया कि यदि उसने कुछ कहा तो उसे नुकसान पहुंचाया जाएगा.


धर्मांतरण का दबाव

FIR में चंदन यादव का नाम भी शामिल है, जिसने एक पीड़िता से कहा कि 'मैंने इस्लाम अपनाया है, तुम भी मुस्लिम बनो।' पीड़िता ने बताया कि दबाव में उसे धर्मांतरण करने के लिए मजबूर किया गया।


पुलिस की कार्रवाई

पुलिस ने अमरीन, अफरीन और चंदन के मोबाइल जब्त किए हैं। अमरीन के फोन से कई संदिग्ध व्हाट्सएप ग्रुप मिले हैं, जिनमें युवतियों की तस्वीरें पाई गईं। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है।


नेटवर्क का विस्तार

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह अपराध केवल भोपाल तक सीमित था या इसका नेटवर्क गुजरात और मुंबई तक फैला हुआ था। पीड़ितों ने बताया कि नौकरी छोड़ने की कोशिश पर उन्हें धमकाया गया और ब्लैकमेल किया गया।