भारत में सोने की बढ़ती मांग और आयात की स्थिति

भारत में सोने की मांग लगातार बढ़ रही है, जहां लोग प्रतिदिन 2,200 करोड़ रुपये का सोना खरीदते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, देश में हर दिन औसतन 2.2 टन सोने की खरीदारी होती है। दक्षिण भारत के राज्य जैसे केरल और तमिलनाडु में सोने की मांग अधिक है। भारत को अपनी जरूरत का लगभग 99 प्रतिशत सोना विदेशों से आयात करना पड़ता है, जिसमें स्विट्जरलैंड का प्रमुख स्थान है। हाल ही में, सरकार ने आयात शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है, जिससे घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में वृद्धि हुई है।
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भारत का सोने का बाजार

भारत विश्व के सबसे बड़े सोने के उपभोक्ता देशों में से एक है। यहां की सोने की मांग इतनी अधिक है कि लोग प्रतिदिन लगभग 2,200 करोड़ रुपये का सोना खरीदते हैं। वर्ल्ड गोल्ड काउंसिल की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में हर दिन औसतन 2.2 टन यानी लगभग 2,200 किलोग्राम सोने की खरीदारी होती है। भारत में सोना केवल निवेश का साधन नहीं है, बल्कि यह परंपरा और सामाजिक प्रतिष्ठा से भी जुड़ा हुआ है। शादी, त्योहार और विशेष अवसरों पर सोने की खरीद को शुभ माना जाता है, जिसके कारण देश में हर साल लगभग 800 से 900 टन सोने की खपत होती है.


सोने की खरीद का वितरण

भारत में खरीदे जाने वाले कुल सोने का लगभग 75 प्रतिशत हिस्सा आभूषण के रूप में उपयोग किया जाता है। इसके अतिरिक्त, लोग गोल्ड कॉइन और गोल्ड बार में भी निवेश करते हैं। दक्षिण भारत के राज्य, विशेषकर केरल और तमिलनाडु, सोने की खरीद में सबसे आगे हैं, जहां पारंपरिक रूप से सोने की मांग अधिक रहती है.


सोने का आयात

भारत में सोने का घरेलू उत्पादन बहुत कम है, जिससे देश को अपनी आवश्यकताओं का लगभग 99 प्रतिशत सोना विदेशों से आयात करना पड़ता है। भारत सबसे अधिक सोना स्विट्जरलैंड से आयात करता है, जो कुल आयात का लगभग 40 प्रतिशत है। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात का स्थान है, जहां से करीब 16 प्रतिशत सोना भारत पहुंचता है। दक्षिण अफ्रीका और पेरू भी भारत के प्रमुख सोने के आपूर्तिकर्ता देशों में शामिल हैं.


सरकार की पहल

हाल ही में बढ़ते आयात बिल और विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव को देखते हुए, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से गैरजरूरी सोने की खरीद कम करने की अपील की है। सरकार का मानना है कि अत्यधिक सोने का आयात देश के व्यापार घाटे को बढ़ाता है। इसी बीच, सरकार ने सोने और चांदी पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया है। इस निर्णय के बाद घरेलू बाजार में सोने की कीमतों में वृद्धि देखी गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि उच्च शुल्क से आयात में कमी आ सकती है, लेकिन भारत में सोने की मजबूत मांग के कारण इसकी खरीद पूरी तरह से नहीं रुकेगी.