भारत ने सऊदी अरब में पकड़ा पाकिस्तानी आतंकी उमेर हारिस
भारत की सुरक्षा एजेंसियों ने सऊदी अरब में पाकिस्तानी आतंकवादी उमेर हारिस को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी उस समय हुई जब राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल वहां मौजूद थे। उमेर हारिस, जिसे 'खरगोश' के नाम से जाना जाता है, कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है। उसकी गिरफ्तारी के पीछे एक बड़े ऑपरेशन का हाथ है, जिसमें भारतीय सुरक्षा बलों ने कश्मीर में आतंकवादियों के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। जानें इस ऑपरेशन की पूरी कहानी और उमेर हारिस के बारे में।
| Apr 20, 2026, 21:29 IST
भारत की सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता
हाल ही में पाकिस्तान में एक अज्ञात हमलावर ने अमीर हमजा नाम के एक आतंकवादी को गोली मारकर हत्या कर दी। इसी बीच, भारत ने 3500 किमी दूर एक पाकिस्तानी आतंकवादी को पकड़ने में सफलता हासिल की है। इस आतंकवादी का कोड नाम 'खरगोश' है, क्योंकि वह कश्मीर में अपने सहयोगियों की मदद से घनी आबादी में छिपकर रह रहा था, जैसे खरगोश अपने बिल में। यह आतंकवादी तेजी से स्थान बदलने में माहिर था, जिससे वह सुरक्षा एजेंसियों की पकड़ से बच निकलता था। लेकिन अंततः भारत ने इस खतरनाक आतंकवादी को एक मुस्लिम देश में जाकर पकड़ लिया है।
सऊदी अरब में गिरफ्तारी
जानकारी के अनुसार, इस आतंकवादी को सऊदी अरब में गिरफ्तार किया गया है। यह दिलचस्प है कि इसकी गिरफ्तारी की सूचना उस समय दी गई जब भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोवाल स्वयं सऊदी अरब में थे। खरगोश के नाम से जाने जाने वाले इस पाकिस्तानी आतंकवादी का असली नाम उमेर हारिस है। वह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा का निवासी है और लश्कर-ए-तैयबा का सदस्य है। यह कई साल पहले सीमा पार करके कश्मीर में दाखिल हुआ था और बांदीपुरा तथा श्रीनगर जैसे क्षेत्रों में रहा। उसने कश्मीर के एक ओवर ग्राउंड वर्कर की बेटी से शादी की थी, जो जयपुर में हुई थी। ओवर ग्राउंड वर्कर का मतलब है वह व्यक्ति जो समाज में सामान्य नागरिक की तरह रहता है लेकिन रात के समय पाकिस्तान के लिए काम करता है।
इंडोनेशिया से सऊदी अरब तक का सफर
जब कश्मीर में उमेर हारिस पर शिकंजा कसा गया, तो वह किसी तरह इंडोनेशिया भागने में सफल रहा। वहां उसने भारत का एक जाली पासपोर्ट बनवाया और खुद को राजस्थान का नागरिक बताकर सऊदी अरब में फर्जी भारतीय पहचान से रहने लगा। हाल ही में, सुरक्षा बलों ने कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जिसमें दो पाकिस्तानी आतंकवादी और तीन कश्मीरी गिरफ्तार हुए। इस ऑपरेशन के दौरान भारतीय सुरक्षा एजेंसियों को उमेर हारिस की लोकेशन का पता चला। इसके बाद सऊदी अरब से संपर्क किया गया।
सऊदी अरब का सहयोग
सऊदी अरब ने भारत के इनपुट्स पर तुरंत कार्रवाई करते हुए उमेर हारिस को पकड़ लिया। यह जानकारी तब सार्वजनिक की गई जब एनएसए अजीत डोवाल सऊदी अरब में थे। यह जानकर भी कि उमेर हारिस एक पाकिस्तानी है, सऊदी अरब ने उसे गिरफ्तार किया।
