भारत टैक्सी: अमित शाह ने लॉन्च किया सहकारी टैक्सी प्लेटफॉर्म
भारत टैक्सी का शुभारंभ
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को 'भारत टैक्सी' नामक एक सहकारी स्वामित्व वाला प्लेटफॉर्म पेश किया। यह प्लेटफॉर्म ड्राइवरों को मालिक की तरह कार्य करने की अनुमति देता है, जिससे कमीशन समाप्त हो जाता है और अचानक मूल्य वृद्धि (सर्ज प्राइसिंग) की समस्या का समाधान होता है। इस सेवा का उद्देश्य उबर और ओला जैसे ऐप्स को चुनौती देना है। सहकारिता मंत्रालय ने इसे परिवहन क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण पहल बताया है, जो ड्राइवरों, जिन्हें 'सारथी' कहा जाता है, को स्वामित्व और संचालन के केंद्र में रखता है, जिससे वे शोषणकारी एग्रीगेटर-आधारित मॉडलों से मुक्त हो जाते हैं।
अमित शाह का बयान
लॉन्च के दौरान अमित शाह ने कहा कि भारत टैक्सी सेवा टैक्सी चालकों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान करेगी। उन्होंने यह भी बताया कि टैक्सी क्षेत्र में सरकार की बजाय सहकारिता का प्रवेश हो रहा है। प्रत्येक सारथी चालक अब अपनी टैक्सी का मालिक होगा, जिससे एक आर्थिक परिवर्तन आएगा। यह मॉडल गुजरात के अमूल की तरह अनूठा है, और इसका उद्देश्य सारथी समुदाय के लाभ के लिए काम करना है।
भारत टैक्सी की विशेषताएँ
शाह ने बताया कि भारत टैक्सी एक एकीकृत परिवहन मंच के रूप में कार्य करेगी, जिसमें दोपहिया, तिपहिया और चारपहिया वाहन शामिल होंगे। यह प्लेटफॉर्म 'सारथी दीदी' के माध्यम से महिला यात्रियों और चालकों की सुरक्षा और सशक्तिकरण को सुनिश्चित करेगा। गृह मंत्री ने कहा कि यह सेवा तीन वर्षों में शुरू होगी, और सरकार प्लेटफॉर्म से अर्जित राजस्व का 20% हिस्सा लेगी, जबकि बाकी राशि सारथी के खाते में जाएगी।
नई प्रणाली का लाभ
उन्होंने आगे कहा कि पहले किराया कंपनी के खाते में जमा होता था और कमीशन काटा जाता था, लेकिन अब यह प्रणाली समाप्त हो गई है। भारत टैक्सी शून्य कमीशन लेगी। सभी भुगतान सीधे ग्राहक से सारथी के खाते में जाएंगे, जिससे बिचौलिए और देरी की समस्या खत्म हो जाएगी। इसके अलावा, यह प्लेटफॉर्म सारथी ऐप से बुकिंग शुल्क और छिपे हुए कमीशन को भी समाप्त करेगा, जिससे ड्राइवरों और यात्रियों के लिए यह अधिक सुविधाजनक हो जाएगा।
