भारत की कड़ी प्रतिक्रिया: चीन की पाकिस्तान को मदद पर उठे सवाल
भारत की प्रतिक्रिया
भारत ने मंगलवार को उन रिपोर्टों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है, जिनमें कहा गया था कि चीन ने पिछले साल मई में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की सहायता की थी। भारत ने यह स्पष्ट किया कि जिम्मेदार देशों को यह विचार करना चाहिए कि ऐसे कार्यों का उनकी अंतरराष्ट्रीय छवि पर क्या असर पड़ता है। यह प्रतिक्रिया तब आई जब एक चीनी अधिकारी ने यह स्वीकार किया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद, बीजिंग ने भारत के साथ संघर्ष के दौरान पाकिस्तान को तकनीकी सहायता प्रदान की थी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि हमने इन रिपोर्टों को देखा है, जो पहले से ज्ञात तथ्यों की पुष्टि करती हैं। ऑपरेशन सिंदूर पहलगाम में हुए आतंकी हमलों का एक सटीक और सुनियोजित जवाब था, जिसका उद्देश्य पाकिस्तान से संचालित आतंकवादी ढांचे को नष्ट करना था।
ऑपरेशन सिंदूर और चीन की भूमिका
22 अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में लश्कर से जुड़े आतंकवादियों द्वारा 26 पर्यटकों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया। इस हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर में आतंकवादी ढांचे को निशाना बनाते हुए सैन्य कार्रवाई शुरू की। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट के अनुसार, हाल ही में चीनी मीडिया में एक साक्षात्कार में, चीन के विमानन उद्योग निगम के इंजीनियर झांग हेंग ने पाकिस्तान के अभियानों में चीन की सीधी भागीदारी के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि सहायता केंद्र पर, हम अक्सर लड़ाकू विमानों की उड़ान और हवाई हमले के सायरन की आवाज सुनते थे।
