भगंदर: लक्षण, कारण और उपचार की जानकारी

भगंदर, जिसे फिस्टुला भी कहा जाता है, एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है जो गुदा नली में पस जमा होने के कारण होती है। यह स्थिति अत्यधिक दर्द का कारण बन सकती है और इसे समझना आवश्यक है। इस लेख में भगंदर के लक्षण, इसके और बवासीर के बीच का अंतर, बचाव के उपाय, परीक्षण की प्रक्रिया और प्रभावी उपचार के बारे में जानकारी दी गई है। जानें कि कैसे आप इस समस्या से बच सकते हैं और इसके इलाज के लिए क्या उपाय कर सकते हैं।
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भगंदर क्या है?

भगंदर, जिसे फिस्टुला भी कहा जाता है, एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या है। यह एक साधारण फोड़े से शुरू होकर अत्यधिक दर्द का कारण बन सकता है, और यह किसी भी व्यक्ति को प्रभावित कर सकता है। यह स्थिति तब उत्पन्न होती है जब गुदा नली में पस जमा हो जाता है, जिससे जानलेवा दर्द हो सकता है। इसे इस तरह समझा जा सकता है कि यह हमारे कुछ संवेदनशील अंगों या नसों को आपस में जोड़ देता है, जैसे आंत को त्वचा से या योनि को मलाशय से।


भगंदर और बवासीर में अंतर

कई लोग भगंदर और बवासीर के बीच भ्रमित हो जाते हैं, जबकि इनमें महत्वपूर्ण अंतर है। बवासीर में गुदा के बाहर नसें फूलकर मोटी हो जाती हैं, जो अंगूर के दानों के समान बाहर निकल आती हैं। जब ये नसें फट जाती हैं, तो खून निकलने लगता है। दूसरी ओर, जब यह स्थिति गुदा के अंदर होती है, तो इसे भगंदर कहा जाता है, जो एक गंभीर समस्या है।


भगंदर के लक्षण

  • गुदा में बार-बार फोड़े होना
  • गुदा के आसपास दर्द और सूजन
  • शौच के दौरान दर्द
  • मलद्वार से रक्तस्राव
  • बुखार, ठंड लगना और थकान
  • कब्ज और मल न निकल पाना
  • गुदा के पास से बदबूदार और खून वाली पस निकलना
  • पस निकलने के कारण गुदा के आसपास की त्वचा में जलन


बचाव के उपाय

यदि आपको गुदा द्वार के पास फुंसी या फोड़ा हुआ है, तो भगंदर से बचने के लिए निम्नलिखित सावधानियां बरतें:

  • कब्ज से बचने के लिए पर्याप्त फाइबर का सेवन करें।
  • तरल पदार्थों का अधिक सेवन करें, और शराब तथा कैफीन से बचें।
  • शौच को रोकें नहीं, और आवश्यक होने पर भी ज्यादा देर तक न रोकें।
  • पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना कम से कम 30 मिनट व्यायाम करें।
  • शौच के दौरान पर्याप्त समय लें।
  • मल द्वार को साफ और सूखा रखें।


भगंदर का परीक्षण

भगंदर का पता लगाना कभी आसान होता है और कभी कठिन। कभी-कभी यह अपने आप ठीक हो जाता है, लेकिन कभी-कभी यह फिर से हो सकता है। डॉक्टर मलद्वार से रिसाव और रक्तस्त्राव के लक्षणों की जांच करते हैं। इसके लिए कोलोनोस्कोपी की आवश्यकता भी हो सकती है, जिसमें गुदा में एक कैमरे वाली ट्यूब डाली जाती है।


इलाज

यदि आपको बवासीर या भगंदर है, तो मुली का रस एक प्रभावी उपचार है। एक कप मुली का रस खाने के एक घंटे बाद लें। यह बवासीर को जल्दी ठीक करता है। इसके अलावा, काले अंगूर का रस भी बवासीर और बदन दर्द के लिए लाभकारी है। अनार का रस और कपूर भी इस समस्या के लिए उपयोगी हैं।