बिहार में IAS अधिकारी बनकर लाखों की ठगी करने वाले दंपति गिरफ्तार

बिहार के मधेपुरा में एक दंपति ने खुद को IAS अधिकारी बताकर लाखों रुपये की ठगी की। पीड़ित ने जब पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने मारपीट की और फरार हो गया। पुलिस ने विशेष टीम बनाकर दोनों को पटना से गिरफ्तार किया है। इस मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। जानें पूरी कहानी और ठगी के तरीके के बारे में।
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मधेपुरा में ठगी का मामला

बिहार के मधेपुरा से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक दंपति ने खुद को IAS अधिकारी बताकर लाखों रुपये की ठगी की। मधेपुरा पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए दंपति को पटना से गिरफ्तार किया है। उन्होंने सरकारी प्रभाव, महंगी गाड़ी और IAS का फर्जी रौब दिखाकर एक ठेकेदार से 34 लाख 74 हजार रुपये ठग लिए।


धार्मिक कार्यक्रम में हुई मुलाकात

पीड़ित नारायण यादव ने बताया कि 2025 में सिंहेश्वर में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान उनकी मुलाकात इस दंपति से हुई। उनकी गाड़ी पर बिहार सरकार का बोर्ड लगा था। आरोपी सन्नी कुमार राय ने अपनी पत्नी को IAS अधिकारी बताया और खुद को उसका बॉडीगार्ड बताया। इसके बाद, सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर उन्होंने पीड़ित से पैसे ट्रांसफर करवा लिए।


पैसे वापस मांगने पर हिंसा

जब पीड़ित ने लंबे समय तक काम न होने पर पैसे वापस मांगे, तो आरोपी ने न केवल पैसे लौटाने से मना किया, बल्कि पीड़ित के साथ मारपीट की और उसका मोबाइल छीन लिया। इसके बाद आरोपी फरार हो गया। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज किया और एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया।


आरोपियों की गिरफ्तारी

एसपी संदीप कुमार सिंह ने बताया कि मधेपुरा थाने में आवेदन के आधार पर विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पटना के बिहटा क्षेत्र से दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके पास से एक लग्जरी कार और एप्पल का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।


अन्य आरोपियों की तलाश

सदर डीएसपी मधेपुरा मनोज कुमार ने कहा कि दोनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है।