बिहार में सत्ता परिवर्तन की तैयारी, नीतीश कुमार की अंतिम कैबिनेट बैठक
बिहार में सत्ता परिवर्तन की घड़ी
पटना: बिहार में राजनीतिक बदलाव की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। एनडीए विधान मंडल दल की बैठक की तारीख लगभग तय हो गई है, जिसमें नीतीश कुमार के उत्तराधिकारी पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के संभावित इस्तीफे और नई एनडीए सरकार के गठन की चर्चाओं ने राजनीतिक हलचल को तेज कर दिया है। राज्य की कमान किसी नए नेता को सौंपी जा सकती है। सूत्रों के अनुसार, 8 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट बैठक नीतीश कुमार की अंतिम बैठक हो सकती है। इस दौरान एनडीए ने अपने सभी विधायकों को पटना में रहने का निर्देश दिया है। इसके बाद अगले 72 घंटों में बिहार की सत्ता का स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है.
दिल्ली में शपथ ग्रहण और इस्तीफे की तैयारी
तय कार्यक्रम के अनुसार, नीतीश कुमार 8 अप्रैल को कैबिनेट की अंतिम बैठक करेंगे। इसके बाद 9 अप्रैल को दिल्ली जाएंगे, जहां जेडीयू की महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में नए मुख्यमंत्री के नाम पर चर्चा की जाएगी। 10 अप्रैल को वे राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेंगे। दिल्ली में उनकी प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह से मुलाकात भी हो सकती है। 11 अप्रैल को वे पटना लौटेंगे और माना जा रहा है कि 12 या 13 अप्रैल को एनडीए विधान मंडल दल की औपचारिक बैठक में मुख्यमंत्री पद से इस्तीफे की घोषणा कर सकते हैं.
कैबिनेट बैठक में 'विजन 2030' पर चर्चा
8 अप्रैल को होने वाली कैबिनेट बैठक को ऐतिहासिक माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, यह नीतीश कुमार की मुख्यमंत्री के रूप में अंतिम बैठक होगी। इसमें 'समृद्धि यात्रा' के दौरान घोषित योजनाओं को मंजूरी दी जा सकती है। इसके साथ ही, नीतीश कुमार के 'विजन 2030' को भविष्य में जारी रखने का प्रस्ताव भी रखा जा सकता है, ताकि राज्य के विकास की निरंतरता बनी रहे.
एनडीए विधायकों के लिए निर्देश
बिहार में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया के बीच एनडीए की पार्टियों ने सभी विधायकों को निर्देश दिया है कि वे 11 अप्रैल तक पटना पहुंच जाएं। 12 अप्रैल को होने वाली बैठक में नए नेता (मुख्यमंत्री) का चयन किया जाएगा। इस बैठक में न केवल नीतीश कुमार का उत्तराधिकारी तय होगा, बल्कि नई सरकार के स्वरूप की रूपरेखा भी प्रस्तुत की जाएगी.
बिहार का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा?
बिहार की सत्ता के अगले चेहरे को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद राजभवन जाकर राज्यपाल को इस्तीफा सौंपने की प्रक्रिया शुरू होगी, और नए नेता के शपथ ग्रहण की तैयारी भी की जाएगी। एनडीए विधान मंडल दल की बैठक यह तय करेगी कि आगामी लोकसभा और विधानसभा चुनावों से पहले बिहार की बागडोर किसके हाथों में होगी. पूरा राज्य अब 12 अप्रैल की उस महत्वपूर्ण बैठक का इंतजार कर रहा है.
