बिहार में तीन भाईयों की डूबने से हुई मौत, गांव में छाया मातम
दुखद घटना का विवरण
समस्तीपुर: बिहार के समस्तीपुर जिले में एक दुखद घटना में तीन सगे भाईयों की डूबने से जान चली गई। यह घटना शिवाजीनगर प्रखंड के परसा पंचायत के बोरज गांव के वार्ड 7 में हुई। सोमवार को, जब तीनों भाई बरियाही घाट पर करेह नदी में नहा रहे थे, तभी वे डूब गए। इस घटना ने पूरे गांव को शोक में डुबो दिया है।
मृतकों की पहचान
मृतकों की पहचान सुदर्शन कुमार झा के तीन पुत्रों के रूप में हुई है। इनमें सबसे बड़ा अदित कुमार (17) था, जो दसवीं कक्षा में पढ़ाई कर रहा था। दूसरा भाई हर्षित कुमार (15) नौवीं कक्षा का छात्र था, जबकि सबसे छोटा कार्तिक कुमार (13) आठवीं कक्षा में पढ़ता था।
परिवार का गांव आना
सूत्रों के अनुसार, ये तीनों भाई अपने माता-पिता के साथ दिल्ली में पढ़ाई कर रहे थे। सुदर्शन कुमार झा ने हाल ही में रामनवमी के अवसर पर अपने परिवार के साथ गांव आने का निर्णय लिया था। हर साल की तरह, इस बार भी परिवार ने गांव के हनुमान मंदिर में ध्वजारोहण की परंपरा निभाई।
डूबने की घटना
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुदर्शन कुमार झा अपने तीनों बेटों के साथ नदी में स्नान करने गए थे। एक बेटे ने शैंपू लगाने के बाद फिर से नदी में उतरने का प्रयास किया और गहरे पानी में चला गया। उसे डूबता देख, अन्य दोनों भाई उसे बचाने के लिए कूद पड़े, लेकिन वे भी डूब गए। पिता ने भी उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन गहराई के कारण सफल नहीं हो सके।
मौत की पुष्टि
घटना के बाद, ग्रामीणों ने शोर मचाया और मदद के लिए दौड़ पड़े। पुलिस को सूचना दी गई, और स्थानीय मछुआरों की मदद से दो भाइयों को नदी से निकाला गया। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के बाद, उन्हें सदर अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। तीसरे भाई का शव पांच घंटे बाद बरामद किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद, स्थानीय लोगों ने एसडीआरएफ की टीम के घटनास्थल पर न पहुंचने पर नाराजगी जताई। ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय पर बचाव दल पहुंचता, तो बच्चों की जान बचाई जा सकती थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और शवों को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपने की प्रक्रिया में है।
सरकारी सहायता का आश्वासन
प्रभारी सीओ मनीष कुमार ने बताया कि प्रशासन ने पीड़ित परिवार से मुलाकात की है और सरकारी सहायता राशि जल्द उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है। तीनों बच्चों का शव पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है।
परिवार का दुख
स्थानीय लोगों ने बताया कि सुदर्शन कुमार झा के तीनों बेटे उनके परिवार के इकलौते चिराग थे। इस हादसे ने परिवार को पूरी तरह से तोड़ दिया है। मां आशा देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, और पिता सुदर्शन कुमार झा गहरे सदमे में हैं। गांव के लोग परिजनों को सांत्वना देने में जुटे हैं, लेकिन सभी इस दर्दनाक घटना से स्तब्ध हैं।
