बिजनौर पुलिस की लापरवाही से लखनऊ में आतंकी साजिश का खुलासा

उत्तर प्रदेश में बिजनौर पुलिस की लापरवाही के कारण लखनऊ में एक बड़ी आतंकी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। यूपी एटीएस ने संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जो रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने की योजना बना रहे थे। इस मामले में पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। जानें कैसे बिजनौर पुलिस ने पहले इस आतंकी नेटवर्क को क्लीन चिट दी थी और अब क्या कार्रवाई की गई है।
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बिजनौर में आतंकी साजिश का पर्दाफाश

बिजनौर पुलिस की लापरवाही से लखनऊ में आतंकी साजिश का खुलासा


Bijnor News: उत्तर प्रदेश में, जहां यूपी एटीएस ने लखनऊ में एक बड़ी आतंकी साजिश को नाकाम किया, वहीं बिजनौर पुलिस की लापरवाही का मामला भी सामने आया है। पिछले साल जिस आतंकी नेटवर्क को क्लीन चिट दी गई थी, उसी गैंग ने लखनऊ में सिग्नल सिस्टम को ठप करने की योजना बनाई थी। इस मामले में नांगल सोती थानाध्यक्ष सतेंद्र मलिक को निलंबित कर दिया गया है, जबकि नजीबाबाद के सीओ नितेश प्रताप सिंह को उनके पद से हटा दिया गया है।


यूपी एटीएस ने हाल ही में मेरठ के चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया, जो लखनऊ रेलवे स्टेशन पर विस्फोट करने की योजना बना रहे थे। पूछताछ में पता चला कि इस साजिश का मास्टरमाइंड दुबई में बैठा आकिब खान है, जिसे पहले बिजनौर पुलिस ने मासूम समझकर छोड़ दिया था।


बिजनौर पुलिस की लापरवाही का खुलासा


इस मामले की जड़ नवंबर 2025 में हुई एक वीडियो कॉल से जुड़ी है, जिसमें आकिब खान AK-47 और हैंड ग्रेनेड दिखा रहा था। बिजनौर पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज की थी, लेकिन आरोप है कि थानाध्यक्ष ने आरोपियों से सेटिंग कर ली और केस बंद कर दिया।


बिजनौर पुलिस की लापरवाही से लखनऊ में आतंकी साजिश का खुलासा


आतंकियों के कनेक्शन का खुलासा


जांच में यह भी सामने आया कि अबूजर शमीम राईन ने बिजनौर में सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने के लिए एक वाहन को आग के हवाले किया और उसका वीडियो पाकिस्तान में अपने हैंडलर्स को भेजा। इस घटना के बाद दुबई में बैठे आईएसआई हैंडलर ने उसे पैसे भेजे।


बिजनौर पुलिस की कार्रवाई


जब लखनऊ में आतंकियों की गिरफ्तारी हुई, तो बिजनौर पुलिस की लापरवाही का मामला मुख्यालय तक पहुंचा। बिजनौर एसपी ने तुरंत कार्रवाई करते हुए थानाध्यक्ष को निलंबित कर दिया और सीओ को उनके पद से हटा दिया। इस मामले में विभागीय जांच शुरू की गई है।


यह घटना यूपी पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाती है। यदि बिजनौर पुलिस ने समय रहते इस मामले की गंभीरता को समझा होता, तो लखनऊ में होने वाली साजिश को पहले ही नाकाम किया जा सकता था।