बहरीन ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर प्रस्ताव पर मतदान टाला
बहरीन का प्रस्ताव
खाड़ी देश बहरीन, जो इस महीने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की अध्यक्षता कर रहा है, ने होर्मुज जलडमरूमध्य से संबंधित एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पर मतदान को फिलहाल स्थगित कर दिया है। इस प्रस्ताव का मुख्य उद्देश्य इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से सुचारू करना और ईरान के बढ़ते प्रभाव को चुनौती देना था। हालांकि, परिषद की बैठकें गोपनीय होने के कारण इसकी आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन सूत्रों के अनुसार, अब इस पर मतदान अगले सप्ताह होने की संभावना है।
रूस और चीन का विरोध
हालांकि, रूस और चीन के कड़े विरोध के कारण इस प्रस्ताव की प्रभावशीलता पर पहले से ही सवाल उठने लगे थे। बहरीन द्वारा प्रस्तुत इस मसौदा प्रस्ताव को शनिवार को मतदान के लिए पेश किए जाने की उम्मीद थी, जिसमें केवल रक्षात्मक कदमों की अनुमति देने का प्रावधान था। जबकि पहले खाड़ी देश और अमेरिका आक्रामक कार्रवाई के पक्ष में थे।
जलमार्ग की सुरक्षा
इस प्रस्ताव का उद्देश्य इस महत्वपूर्ण जलमार्ग में जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना है। बहरीन ने सुरक्षा परिषद के सभी 15 सदस्य देशों से समर्थन जुटाने का प्रयास किया, लेकिन मतदान के स्थगित होने से यह स्पष्ट है कि यह मसौदा रूस और चीन के लिए अभी भी स्वीकार्य नहीं है।
होर्मुज जलडमरूमध्य का महत्व
क्यों महत्वपूर्ण है होर्मुज जलडमरूमध्य?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे व्यस्त और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण तेल मार्ग है।
इस जलमार्ग से दुनिया के कुल कच्चे तेल के परिवहन का लगभग 20% से अधिक हिस्सा गुजरता है।
ईरान और ओमान के बीच स्थित यह संकरा मार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।
आगे की राह
आगे की राह
शनिवार को होने वाला मतदान अब अगले सप्ताह तक के लिए स्थगित कर दिया गया है। इस बीच, बहरीन अन्य सदस्य देशों के साथ मध्यस्थता कर रहा है ताकि किसी ऐसे समझौते पर पहुँचा जा सके जो सुरक्षा परिषद में पारित हो सके। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि रूस और चीन के कड़े रुख के बीच बिना बड़े समझौतों के इस प्रस्ताव का भविष्य धुंधला नजर आ रहा है।
