बवासीर के घरेलू उपचार: गेंदे के फूल और काली मिर्च का उपयोग
बवासीर एक गंभीर समस्या है जो गलत खान-पान और कब्ज के कारण होती है। इस लेख में, हम गेंदे के फूल और काली मिर्च के उपयोग से बवासीर के घरेलू उपचारों के बारे में चर्चा करेंगे। जानें कैसे ये उपाय आपको राहत दिला सकते हैं और बवासीर की समस्या को कम कर सकते हैं।
| Apr 22, 2026, 16:22 IST
बवासीर: एक गंभीर समस्या
बवासीर एक अत्यंत दर्दनाक स्थिति है, जो अक्सर गलत खान-पान और पेट में कब्ज के कारण उत्पन्न होती है। जैसे-जैसे यह समस्या बढ़ती है, यह फिशर और भगंदर जैसी जटिलताओं में बदल सकती है। यह रोग मलाशय के आस-पास की नसों में सूजन के कारण होता है। लंबे समय तक कुर्सी पर बैठना और अनियमित आहार इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं। बवासीर मुख्यतः दो प्रकार की होती है: खूनी बवासीर, जिसमें मस्से लाल होते हैं और खून गिरता है, और बादी वाली बवासीर, जिसमें मस्से काले होते हैं और इनमें खुजली, दर्द और सूजन होती है।
घरेलू नुस्खे: गेंदे के फूल और काली मिर्च
यहां हम कुछ घरेलू उपाय साझा कर रहे हैं, जो बवासीर और इससे होने वाले दर्द में राहत प्रदान कर सकते हैं। गेंदे के फूल और काली मिर्च का उपयोग इस समस्या में काफी फायदेमंद हो सकता है।
गेंदे के फूल और काली मिर्च का प्रयोग:
- गेंदे के हरे पत्तों को काली मिर्च के साथ पीसकर चार दिन तक रोजाना एक बार सेवन करें। इसके लिए 10 ग्राम पत्ते और 7 काली मिर्च को मिलाकर पीसें।
- गेंदे के पीले फूल (10 ग्राम) और 7 काली मिर्च को ठंडाई की तरह पीसकर आधा गिलास पानी में मिलाकर छानकर पीने से रक्तस्त्रावी बवासीर में लाभ होता है।
- रक्तस्त्रावी बवासीर के लिए फूलों को पीसकर, इस लुगदी को देसी घी में भूनें और इसमें मिश्री व सौंफ मिलाकर दिन में एक बार भोजन के दो घंटे पहले या बाद में सेवन करें।
बवासीर से राहत के अन्य उपाय
बवासीर में विशेष:
- बवासीर को ठीक करने के लिए सबसे पहले कब्ज को दूर करना आवश्यक है। इसके लिए रात को सोते समय एक गिलास गर्म दूध के साथ एक चम्मच छोटी हरड़ का चूर्ण या इसबगोल का छिलका लें। सुबह शौच के बाद कम से कम 15 मिनट कपाल भाति करें।
- एक पके केले को बीच से काटकर उसके टुकड़ों में गेहूं के दाने के बराबर कपूर डालकर शाम को खुले आसमान में रखें। सुबह शौच के बाद इसे खाएं। एक हफ्ते तक लगातार करने से बवासीर में सुधार होता है।
- नीम का तेल मस्सों पर लगाने और 4-5 बूँद रोज़ पीने से भी बवासीर में राहत मिलती है।
- एक चाय का चम्मच धुले हुए काले तिल को ताजा मक्खन के साथ लेने से बवासीर में खून आना बंद हो जाता है।
- नारियल की जटा को जलाकर उसकी भस्म को एक शीशी में रख लें। 3 ग्राम भस्म को एक गिलास छाछ या कटोरी दही के साथ सुबह खाली पेट लें।
