बच्चों में फोन देखने की आदत से बढ़ता है अंडरवेट होने का खतरा
फोन के साथ खाना खाने का असर
क्या बच्चों का खाना खाते समय फोन देखना उन्हें अंडरवेट बना सकता है? यह सच है कि इस आदत के कारण बच्चे ओवरवेट भी हो सकते हैं। खाना खाते समय फोन देखने की यह लत बच्चों के लिए कई तरह से हानिकारक साबित हो रही है। भारतीय परिवारों में, माता-पिता अक्सर अपने बच्चों को खाना खिलाने के लिए फोन पर निर्भर रहते हैं। बच्चे न केवल खाने के समय, बल्कि अन्य समय में भी गैजेट्स का उपयोग करते हैं। कई अध्ययनों से यह स्पष्ट हुआ है कि जब बच्चे फोन देखते हैं, तो उनकी शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
फोन देखते हुए खाना खाने की आदत
हाल के वर्षों में स्मार्टफोन और सोशल मीडिया का उपयोग बढ़ा है। बच्चे शॉर्ट और लॉन्ग वीडियो, गेम्स और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म का उपयोग करने के आदी हो गए हैं। यहां तक कि 6 महीने के बच्चे भी यूट्यूब पर वीडियो देखते हुए खाना खाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि यह एक लत बन चुकी है, जिसके दीर्घकालिक परिणाम गंभीर हो सकते हैं। इस आदत का असर बच्चों के खाने के तरीके पर भी पड़ रहा है, जिससे वे फोन देखते हुए अधिक समय तक खाना खाते हैं।
विशेषज्ञों की राय
डॉ. राजीव रंजन, निदान मदर एंड चाइल्ड केयर हॉस्पिटल के विशेषज्ञ के अनुसार, आजकल फोन का उपयोग और स्क्रीन टाइम एक बड़ी समस्या बन गई है। माता-पिता के पास समय की कमी के कारण, वे बच्चों को फोन दिखाकर खाना खिलाते हैं। डॉ. रंजन का कहना है कि इस तरीके से माता-पिता को आराम मिलता है, लेकिन इससे बच्चों को पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता। बच्चे फोन में इतना खो जाते हैं कि वे खाने पर ध्यान नहीं देते, जो अंडरवेट होने का एक मुख्य कारण है।
फोन की लत से छुटकारा पाने के उपाय
डॉ. राजीव का सुझाव है कि खाना खिलाते समय कुछ रचनात्मक तरीके अपनाएं। जिस थाली में आप खा रहे हैं, उसी में बच्चे को भी खिलाएं। इससे बच्चे का ध्यान खाने पर रहेगा। साथ ही, जब आप भी खा रहे हैं, तो बच्चे को प्रोत्साहित करने के लिए उसे भी खाने दें। लगातार फोन और स्क्रीन टाइम का उपयोग न केवल संतुलित आहार से दूर करता है, बल्कि मानसिक विकास में भी बाधा डालता है।
