प्रतीक यादव की मौत: कारोबारी तनाव और विवादों की कहानी
अखिलेश यादव का भावुक बयान
समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने सोमवार को लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के पोस्टमॉर्टम हाउस में अपने छोटे भाई प्रतीक यादव के शव का पोस्टमॉर्टम कराने पहुंचे। भावुक होकर उन्होंने कहा कि प्रतीक से उनकी आखिरी मुलाकात दो महीने पहले हुई थी, जब उन्होंने उसे स्वास्थ्य का ध्यान रखने और कारोबार को आगे बढ़ाने की सलाह दी थी। उन्होंने यह भी कहा कि कभी-कभी व्यापार में नुकसान व्यक्ति को बहुत प्रभावित कर सकता है।
कारोबारी नुकसान और तनाव की अटकलें
अखिलेश यादव के इस बयान ने प्रतीक यादव की मौत के पीछे कारोबारी नुकसान और तनाव की अटकलों को बल दिया है। सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव पिछले एक साल से रियल एस्टेट और फिटनेस क्षेत्र में गंभीर आर्थिक दबाव और साझेदारों के साथ विवादों का सामना कर रहे थे, जो उन्हें डिप्रेशन की ओर ले गए।
प्रतीक का व्यवसाय
प्रतीक यादव रियल एस्टेट और फिटनेस इंडस्ट्री में सक्रिय थे। उनकी जिम, आयरन कोर फिट, गोमतीनगर में स्थित थी और काफी लोकप्रिय थी। रियल एस्टेट कारोबार में उन्हें पत्नी अपर्णा यादव के भाई अमन सिंह बिष्ट का सहयोग प्राप्त था। 2012 में सपा सरकार बनने के बाद अमन ने कई कंपनियों का पंजीकरण कराया, जिनमें से अधिकांश रियल एस्टेट से जुड़ी थीं। हालांकि, सूत्रों का कहना है कि वास्तविक नियंत्रण प्रतीक के हाथ में था।
साझेदारों के साथ विवाद
पिछले वर्ष में विभिन्न निवेशों में भारी नुकसान के कारण प्रतीक और अमन के बीच तनाव बढ़ गया। प्रतीक ने अमन से जिम का ऑफिस खाली करने को कहा। इसके अलावा, प्रतीक का एक बड़ा विवाद रियल एस्टेट साझेदार कृष्णानंद पांडे के साथ था, जिसके साथ उन्होंने करोड़ों रुपये का निवेश किया था। जब पैसे वापस मांगे गए, तो कृष्णानंद ने फर्जी केस में फंसाने की धमकी दी। इस विवाद के चलते लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में FIR भी दर्ज कराई गई।
अमन बिष्ट पर धोखाधड़ी का आरोप
अमन सिंह बिष्ट पर भी धोखाधड़ी का आरोप लगा है। 20 सितंबर 2025 को ठाकुर सिंह ने अमन के खिलाफ FIR दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया गया कि अमन ने जमीन बेचने का दावा कर पैसे लिए, लेकिन सौदा पूरा नहीं किया। इस मामले की भी जांच चल रही है। इसके अलावा, प्रतीक ने नोएडा में एक कारोबारी के साथ भी करोड़ों रुपये का निवेश किया था, जिससे उन्हें गहरा डिप्रेशन हुआ।
परिवार में शोक की लहर
प्रतीक यादव की अचानक मौत ने यादव परिवार में शोक की लहर पैदा कर दी है। अखिलेश यादव के बयान से स्पष्ट है कि परिवार को प्रतीक के कारोबारी तनाव के बारे में जानकारी थी। हालांकि, परिवार के करीबी लोग इसे व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या मानते हैं। पुलिस जांच जारी है और प्रतीक यादव की मौत के कारणों की जांच के साथ-साथ उनके साझेदारों के खिलाफ दर्ज मुकदमों की भी निगरानी की जा रही है।
