प्रतीक यादव की आकस्मिक मृत्यु: सिविल अस्पताल के निदेशक का बयान

समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव की आकस्मिक मृत्यु ने पूरे प्रदेश में शोक की लहर पैदा कर दी है। सिविल अस्पताल के निदेशक ने इस मामले में कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा की हैं, जिसमें बताया गया है कि प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत होता है। डॉक्टरों की टीम ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। जानें इस रहस्यमयी घटना के बारे में और क्या जानकारी सामने आई है।
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लखनऊ में प्रतीक यादव की अचानक मृत्यु

लखनऊ। समाजवादी पार्टी के संस्थापक स्व. मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव की आकस्मिक मृत्यु के संदर्भ में सिविल अस्पताल के निदेशक ने एक आधिकारिक बयान जारी किया है। निदेशक ने बताया कि यह घटना आज सुबह लगभग 5 बजे शुरू हुई। उन्होंने यह भी कहा कि प्रारंभिक जांच में मामला संदिग्ध प्रतीत होता है, लेकिन मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही चलेगा।


आपातकालीन सहायता के लिए डॉक्टरों की टीम

निदेशक ने बताया कि सुबह करीब 5 बजे उन्हें सूचना मिली कि प्रतीक यादव की तबीयत अचानक खराब हो गई है। सूचना देने वालों में उनके ड्राइवर और परिवार के अन्य सदस्य शामिल थे, जिन्होंने अस्पताल पहुंचकर कहा कि 'भैया की तबीयत खराब हो गई है।' सूचना मिलते ही डॉक्टरों की एक टीम तुरंत उनके घर पहुंची। निदेशक ने कहा, 'जब डॉक्टर वहां पहुंचे, तो उनकी स्थिति गंभीर थी। शरीर में कोई हलचल नहीं थी। उन्हें तुरंत सिविल अस्पताल लाया गया।'


सिविल अस्पताल में मृत्यु की पुष्टि

अस्पताल के सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव को सुबह लगभग 5:30 बजे सिविल अस्पताल लाया गया। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन सुबह ठीक 5:55 बजे उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। उन्हें 'ब्रॉट डेड' की श्रेणी में रखा गया।


अस्पताल पहुंचाने वाला व्यक्ति

जानकारी के अनुसार, जब प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ी, उनकी पत्नी और भाजपा नेता अपर्णा यादव शहर से बाहर थीं। अपर्णा के भाई अमन सिंह बिष्ट ने ही प्रतीक को तड़के सिविल अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलते ही अपर्णा यादव तुरंत लखनऊ के लिए रवाना हो गईं। पोस्टमार्टम के दौरान भी अमन सिंह बिष्ट केजीएमयू के मोर्चरी हाउस के बाहर मौजूद रहे।


संदिग्ध जहरखुरानी का मामला

निदेशक ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला 'संदिग्ध' लग रहा है, इसलिए शव को पोस्टमार्टम के लिए किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय भेजा गया है। पोस्टमार्टम डॉ. मौसमी सिंह की अगुवाई में एक विशेष पैनल द्वारा किया जा रहा है, जिसमें तीन से चार डॉक्टर शामिल हैं। पूरी प्रक्रिया की वीडियो रिकॉर्डिंग भी की जा रही है। पोस्टमार्टम से पहले शव का सीने का एक्सरे भी कराया गया।


फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे प्रतीक यादव

परिवार के सदस्यों के अनुसार, प्रतीक यादव लंबे समय से फेफड़ों की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे। वे लंग्स में ब्लड क्लॉट का इलाज करा रहे थे। कुछ सप्ताह पहले 30 अप्रैल को उनकी हालत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। तीन दिन बाद उनकी स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ, लेकिन आज सुबह जब वे अचानक अनुत्तरदायी हो गए, तो परिवार के लोग तुरंत उन्हें अस्पताल ले गए।


राजनीतिक जगत में शोक की लहर

प्रतीक यादव की अचानक और रहस्यमयी मृत्यु ने पूरे प्रदेश को हिला कर रख दिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लेकर राजनीतिक जगत की कई हस्तियों ने गहरा शोक व्यक्त किया है। समाजवादी पार्टी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा, 'प्रतीक यादव का निधन अत्यंत दुःखद है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें।' राजनीति से दूर रहकर फिटनेस और समाजसेवा के क्षेत्र में सक्रिय प्रतीक यादव की मृत्यु ने सभी को स्तब्ध कर दिया है।