प्रतीक यादव की असामयिक मृत्यु: स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते हुए निधन
प्रतीक यादव का निधन
समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और बीजेपी नेता अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का निधन हो गया। बुधवार की सुबह उनकी तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें लखनऊ के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, प्रतीक लंबे समय से फेफड़ों की समस्याओं से ग्रस्त थे और ब्लड क्लॉटिंग का इलाज भी चल रहा था।
अस्पताल में स्थिति गंभीर
सिविल अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. देवेश चंद्र पांडेय ने बताया कि प्रतीक को अस्पताल लाने से पहले उनकी स्थिति गंभीर हो चुकी थी। अस्पताल पहुंचने पर उन्हें 'ब्रॉट डेड' घोषित किया गया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में उनकी मृत्यु का कारण 'कार्डियोरेस्पिरेटरी कोलैप्स' बताया गया, जो 'मेसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएंबोलिज्म' के कारण हुआ।
मेदांता में इलाज
परिवार के सूत्रों के अनुसार, प्रतीक यादव को 30 अप्रैल को मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया गया था। वहां उनकी बाएं पैर की सर्जरी हुई थी। हालांकि, तीन दिन बाद उन्होंने खुद को डिस्चार्ज करवा लिया। लेकिन उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और मंगलवार रात उनकी तबीयत बिगड़ गई।
पोस्टमॉर्टम और परिवार की प्रतिक्रिया
प्रतीक के शव को घर ले जाने के दौरान अचानक पोस्टमॉर्टम कराने का निर्णय लिया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद अखिलेश यादव ने कहा कि यह बहुत दुखद है कि प्रतीक अब हमारे बीच नहीं हैं। उन्होंने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने की सलाह दी थी।
अंतिम संस्कार की तैयारी
प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार को लखनऊ में किया जाएगा। परिवार के सदस्य और करीबी लोग इस दुखद घटना पर शोक व्यक्त कर रहे हैं।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में चोटों का जिक्र
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में प्रतीक के शरीर पर मिली चोटों का उल्लेख किया गया है। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ चोटें पुरानी थीं, जबकि कुछ हाल की थीं। इस मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग की गई है।
