पित्त की थैली में पथरी से बचने के लिए खानपान की सावधानियाँ

पित्त की थैली में पथरी एक गंभीर समस्या है, जिसका मुख्य उपचार सर्जरी है। हालांकि, खानपान में कुछ सावधानियाँ बरतकर इस समस्या से बचा जा सकता है। जानें कि कौन से खाद्य पदार्थ पित्त की थैली में पथरी का कारण बन सकते हैं और किन्हें आपको अपने आहार से हटाना चाहिए। इस लेख में हम पित्त की थैली में पथरी बनने के कारण और इससे बचने के उपायों पर चर्चा करेंगे।
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पित्त की थैली में पथरी का इलाज

यदि पित्त की थैली में पथरी बन जाती है, तो इसका उपचार मुख्यतः सर्जरी के माध्यम से किया जाता है। कुछ मामलों में दवाएं प्रभावी हो सकती हैं, लेकिन अधिकांश चिकित्सक गॉल ब्लैडर को निकालने को ही सबसे उचित समाधान मानते हैं। पित्त की थैली हमारे लिवर के ठीक नीचे स्थित होती है, और इसमें गॉल स्टोन बनने पर अत्यधिक दर्द होता है। विशेषज्ञों का कहना है कि पित्त की थैली में कोलेस्ट्रॉल की परत बनती है, और यदि इसे समय पर साफ नहीं किया गया, तो यह छोटे गॉल स्टोन में परिवर्तित हो जाती है। इस स्थिति में, एक ऑपरेशन किया जाता है जिसमें गॉल ब्लैडर को हटा दिया जाता है।


पित्ताशय की पथरी कैसे बनती है?

विशेषज्ञों के अनुसार, जब पित्ताशय में लिक्विड सूखने लगता है, तो उसमें मौजूद साल्ट, शुगर और अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट तत्व एकत्रित होने लगते हैं। धीरे-धीरे यह एक मोटी परत बनाता है, जो आगे चलकर गॉल स्टोन का कारण बन जाती है। रिपोर्टों के अनुसार, 80 प्रतिशत पथरी कोलेस्ट्रॉल से बनी होती है और यह समय के साथ कठोर हो जाती है। कोलेस्ट्रॉल से बने स्टोन का रंग पीला और हरा होता है। पित्त की थैली में पथरी बनने के पीछे डायबिटीज, मोटापा, कुछ दवाओं का सेवन और लंबे समय तक किसी बीमारी से ग्रस्त रहना शामिल है।


पित्त की थैली में पथरी के कारण खानपान की गलतियाँ

ब्रेड और बेकरी उत्पाद: मैदा से बने बेकरी उत्पाद जैसे ब्रेड और कुकीज पित्ताशय में पथरी का कारण बन सकते हैं। ये सैचुरेटेड और ट्रांस फैट के साथ बनाए जाते हैं, जिससे पित्ताशय का स्वास्थ्य प्रभावित होता है।


अधिक प्रोटीन का सेवन: गॉल ब्लैडर को स्वस्थ रखने के लिए एनिमल प्रोटीन का सेवन सीमित करना चाहिए। अधिक प्रोटीन से कैल्शियम स्टोन और यूरिक एसिड स्टोन बनने का खतरा बढ़ जाता है।


मीठे खाद्य पदार्थ: शुगर से बने खाद्य पदार्थों में रिफाइंड कार्ब्स की मात्रा अधिक होती है, जिससे कोलेस्ट्रॉल गाढ़ा हो जाता है। इससे गॉल ब्लैडर में स्टोन बनने का खतरा बढ़ता है।


कॉफी का सेवन: कॉफी एक सामान्य पेय है, लेकिन जिन्हें गॉल ब्लैडर से संबंधित समस्याएं हैं, उन्हें इसका सेवन नहीं करना चाहिए।


सोडा पेय: पथरी की समस्या से ग्रस्त व्यक्तियों को अधिक पानी पीना चाहिए, लेकिन सोडा पेय का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इसमें फॉस्फोरिक एसिड होता है जो स्टोन बनने का खतरा बढ़ा सकता है।