पाकिस्तान में ईरानी रियाल की बढ़ती मांग: निवेश के फायदे और जोखिम

पाकिस्तान में ईरानी रियाल की खरीदारी में तेजी आई है, खासकर कराची के व्यापारियों के बीच। अमेरिका-ईरान संघर्ष के चलते इसकी कीमत में वृद्धि हुई है, जिससे लोग इसे निवेश का एक अवसर मान रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इसमें निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। जानें इस मुद्रा के भविष्य और निवेश के संभावित खतरों के बारे में।
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ईरानी रियाल की खरीद में बढ़ती रुचि

पाकिस्तान में इन दिनों ईरानी रियाल खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है, खासकर कराची के व्यापारियों के बीच। मुद्रा बाजार के जानकारों के अनुसार, पाकिस्तान में ईरानी मुद्रा की खरीदारी का यह ट्रेंड पहले भी देखा गया था, लेकिन 28 फरवरी से शुरू हुए अमेरिका-ईरान संघर्ष के बाद इसकी कीमत में थोड़ी वृद्धि हुई है, जिससे लोगों की रुचि और बढ़ गई है.


भविष्य की संभावनाएं

विशेषज्ञों का मानना है कि लोग ईरानी रियाल खरीदने में इस उम्मीद से जुटे हैं कि यदि अमेरिका और ईरान के बीच कोई समझौता होता है और प्रतिबंधों में कमी आती है, तो इसकी कीमत में वृद्धि हो सकती है। 2015 में जब परमाणु समझौता हुआ था, तब ईरानी मुद्रा में मजबूती आई थी, लेकिन 2018 में समझौता टूटने के बाद इसकी कीमत में गिरावट आई.


रियाल की कीमत में गिरावट

पहले एक डॉलर की कीमत 4 ईरानी रियाल थी, लेकिन ईरानी क्रांति के बाद यह बढ़कर 70 रियाल तक पहुंच गई। 2015 में जब परमाणु समझौता हुआ, तब 50,000 पाकिस्तानी रुपये 10 मिलियन ईरानी रियाल के बराबर थे। 2018 में समझौता टूटने के बाद यह आंकड़ा 12,000 पाकिस्तानी रुपये हो गया। वर्तमान में, 10 मिलियन ईरानी रियाल की कीमत केवल 6 से 7 हजार पाकिस्तानी रुपये है, जो इस मुद्रा की कमजोरी को दर्शाता है.


व्यापारियों की राय

कराची के व्यापारी अहमद ने हाल ही में 40,000 पाकिस्तानी रुपये में 40 मिलियन ईरानी रियाल खरीदे। उनका कहना है कि यह निर्णय उन्होंने सोशल मीडिया पर वीडियो देखने और एक रिश्तेदार की सलाह पर लिया.


निवेश के जोखिम

हालांकि, इतनी सस्ती मुद्रा में निवेश करना जोखिम भरा हो सकता है। पाकिस्तान एक्सचेंज कंपनी एसोसिएशन के अध्यक्ष मलिक बोस्तान का कहना है कि यह निश्चित नहीं है कि भविष्य में इसकी कीमत बढ़ेगी। यदि स्थिति बिगड़ती है, तो कीमत और गिर सकती है। सबसे बड़ा खतरा यह है कि ईरान अपनी पुरानी मुद्रा को बंद कर सकता है या नई मुद्रा जारी कर सकता है, जिससे पुराने नोट बेकार हो सकते हैं.


छोटे निवेशकों की रुचि

फिर भी, कुछ लोग इसे छोटे निवेश के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि कम पैसे में अधिक रियाल मिल जाता है। इसके अलावा, पाकिस्तान और ईरान के बीच व्यापार और धार्मिक यात्राओं में भी इस मुद्रा का उपयोग होता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसमें लाभ तभी संभव है जब निवेशक जोखिम उठाने के लिए तैयार हों.