महाराष्ट्र के नासिक में एक प्रमुख आईटी कंपनी में महिलाओं के साथ छेड़छाड़, बलात्कार और जबरन धर्मांतरण का एक गंभीर मामला सामने आया है। नासिक पुलिस ने इस मामले में छह टीम लीडरों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को विभिन्न आरोपों के तहत पकड़ा गया है। इनमें से एक पर बलात्कार का आरोप है, जबकि अन्य पर महिला सहकर्मियों के साथ छेड़छाड़ और कार्यालय में धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के आरोप लगे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, संदिग्ध आरोपियों तैसिफ अत्तार, दानिश, शाहरुख शेख और रजा मेमन पर एक हिंदू युवक को धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने की शिकायत दर्ज की गई है। आरोप है कि कंपनी में हिंदू युवक को नमाज पढ़ने के लिए मजबूर किया गया और उसे जबरन बीफ खिलाया गया। युवक के धर्म परिवर्तन के बाद की तस्वीरें भी सामने आई हैं।
पुलिस के अनुसार, ये घटनाएं पिछले चार वर्षों में अलग-अलग समय पर हुईं। पीड़ित महिलाओं ने कंपनी के एचआर प्रमुख को प्रीवेंशन ऑफ सेक्सुअल हैरासमेंट के तहत लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। एक पीड़िता के अनुसार, एचआर प्रमुख ने कहा कि यह सब एमएनसी में सामान्य है, इसलिए चुप रहो।
पीड़ितों की शिकायत पर पुलिस ने एचआर प्रमुख के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है। पुलिस को संदेह है कि इस मामले में और भी पीड़ित महिलाएं हो सकती हैं, जो अभी तक सामने नहीं आई हैं। जांच टीम सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है और अन्य संभावित पीड़ितों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। अब तक पुलिस ने इस मामले में कुल नौ एफआईआर दर्ज की हैं, जिनमें से आठ महिलाओं की शिकायतों पर आधारित हैं। इनमें यौन अपराधों और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने से संबंधित धाराएं शामिल हैं।
कंपनी में लगभग 300 कर्मचारी कार्यरत हैं और गिरफ्तार किए गए अधिकांश आरोपी टीम लीडर के पद पर थे। पुलिस का कहना है कि आरोपी लंबे समय से अपनी स्थिति का दुरुपयोग कर महिलाओं को परेशान कर रहे थे। नासिक पुलिस अब सभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले की गहराई से जांच जारी है। यदि अन्य पीड़ित सामने आती हैं, तो एफआईआर की संख्या और बढ़ सकती है.
