देहरादून में कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हमले के बाद कार्रवाई तेज

देहरादून में एक कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हमले के बाद मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हस्तक्षेप किया, जिससे कार्रवाई में तेजी आई। जम्मू-कश्मीर सरकार ने मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। इस घटना ने जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में आक्रोश पैदा किया है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जानें इस मामले में और क्या हुआ और आगे की कार्रवाई की क्या योजना है।
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देहरादून में कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हमले के बाद कार्रवाई तेज

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला का हस्तक्षेप

उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में एक कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हुए हमले के मामले में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के हस्तक्षेप के बाद कार्रवाई में तेजी आई है। जम्मू-कश्मीर सरकार ने बताया है कि मुख्यमंत्री के प्रयासों के फलस्वरूप न केवल प्राथमिकी दर्ज की गई, बल्कि मुख्य आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया।


सरकारी बयान के अनुसार, उमर अब्दुल्ला ने इस घटना को गंभीरता से लेते हुए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से फोन पर बात की और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। इसके बाद उत्तराखंड पुलिस ने त्वरित कदम उठाते हुए मामला दर्ज किया और मुख्य आरोपी को हिरासत में लिया।


घटना का विवरण और प्रतिक्रिया

रिपोर्टों के अनुसार, देहरादून जिले में बुधवार को एक 18 वर्षीय कश्मीरी युवक, जो शॉल बेच रहा था, पर कुछ लोगों ने कथित तौर पर हमला किया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इस घटना के बाद जम्मू-कश्मीर में राजनीतिक और सामाजिक हलकों में गहरा आक्रोश उत्पन्न हुआ।


जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, "मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में कश्मीरी शॉल विक्रेता पर हुए हमले के संबंध में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री से बात की और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का आग्रह किया।" पोस्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि मुख्यमंत्री धामी ने आश्वासन दिया कि मामले में सख्त कार्रवाई की जाएगी और जम्मू-कश्मीर के निवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी।


मुख्यमंत्री का बयान

उमर अब्दुल्ला ने इस पोस्ट को साझा करते हुए कहा कि हाल के दिनों में हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कश्मीरियों पर हुए हमले अस्वीकार्य हैं। उन्होंने कहा, "यदि कश्मीर के लोग देश के अन्य हिस्सों में अपनी जान को लेकर डर के साये में जीते हैं, तो यह कहना मुश्किल है कि जम्मू-कश्मीर वास्तव में भारत का अभिन्न अंग है।"


उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार जहां भी आवश्यक होगा, हस्तक्षेप करेगी और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए हर संभव कदम उठाएगी। इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्रालय से अन्य राज्यों को भी सतर्क करने की अपेक्षा जताई। वहीं, देहरादून के एसएसपी अजय सिंह ने कहा है कि इस मामले में निष्पक्षता से कार्रवाई की जा रही है।