दिल्ली में आतंकवादी शब्बीर अहमद लोन की गिरफ्तारी, सुरक्षा एजेंसियों को मिली बड़ी सफलता
दिल्ली में सुरक्षा एजेंसियों ने आतंकवादी शब्बीर अहमद लोन को गिरफ्तार किया है, जो लंबे समय से भारत के खिलाफ एक बड़े आतंकी नेटवर्क को स्थापित करने की योजना बना रहा था। लोन का संबंध लश्कर के प्रमुख हाफिज सईद से है और वह बांग्लादेश में बैठकर आतंकवादी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। उसकी गिरफ्तारी से कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं, जो भारत में आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में मददगार साबित होंगी।
| Mar 30, 2026, 13:44 IST
दिल्ली में आतंकवादी की गिरफ्तारी
दिल्ली से एक महत्वपूर्ण समाचार सामने आया है, जिसमें देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। खुफिया जानकारी के आधार पर, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल और केंद्रीय एजेंसियों ने एक जाल बिछाया और जैसे ही एक आतंकवादी दिल्ली की सीमा में प्रवेश किया, उसे पकड़ लिया गया। यह आतंकवादी, शब्बीर अहमद लोन, लंबे समय से भारत के खिलाफ एक बड़े आतंकी नेटवर्क को स्थापित करने की योजना बना रहा था। जांच में पता चला है कि यह व्यक्ति बांग्लादेश में बैठकर पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के निर्देश पर काम कर रहा था, जिसका उद्देश्य भारत में नए आतंकवादी नेटवर्क का निर्माण करना और युवाओं को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल करना था।
पिछले अपराध और संबंध
शब्बीर का नाम आतंकवादी गतिविधियों में नया नहीं है। उसे पहले भी 2007 में भारी मात्रा में हथियारों, जैसे कि AK-47 और ग्रेनेड के साथ गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उसे सजा मिली और वह तिहाड़ जेल में 2018 तक बंद रहा। रिहाई के बाद, वह फिर से आतंकवादी गतिविधियों में शामिल हो गया। सूत्रों के अनुसार, शब्बीर के संबंध लश्कर के प्रमुख हाफिज सईद और उसके डिप्टी जाकिर उ रहमान लखवी से हैं। उसने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के मुजफराबाद में आतंकवादी प्रशिक्षण प्राप्त किया है, जहां उसे बुनियादी और उन्नत दोनों प्रकार की प्रशिक्षण दी गई।
भारत विरोधी गतिविधियों का संदेह
जांच में यह भी सामने आया है कि शब्बीर बांग्लादेश के माध्यम से भारत में अवैध रूप से रह रहे युवाओं को निशाना बना रहा था, ताकि उन्हें आतंकवादी साजिशों में शामिल किया जा सके। हाल ही में दिल्ली और कोलकाता सहित कई शहरों में भारत विरोधी पोस्टर लगाने के पीछे भी इसी आतंकवादी मॉड्यूल का हाथ बताया जा रहा है।
आगे की कार्रवाई
लोन को पहली बार 2007 में स्पेशल सेल ने भारी मात्रा में हथियारों और गोला-बारूद के साथ पकड़ा था, जिसमें AK-47 राइफल और ग्रेनेड शामिल थे। उस समय, अधिकारियों ने हाफिज सईद और लश्कर कमांडर जकी-उर-रहमान लखवी के साथ उसके संबंधों की पुष्टि की थी। जमानत मिलने से पहले, लोन 2018 तक तिहाड़ जेल में रहा। अधिकारियों के अनुसार, वह बाद में बांग्लादेश में फिर से सक्रिय हुआ, जहां उसने लश्कर नेटवर्क को पुनर्गठित किया और भारत को निशाना बनाने वाले अभियानों का समन्वय जारी रखा। एजेंसियां अब लोन से पूछताछ कर रही हैं ताकि भर्ती चैनलों, वित्तपोषण मार्गों और भारत में संभावित लक्ष्यों की जानकारी प्राप्त की जा सके।
