ट्रंप ने अमेरिकी नौसेना के सचिव जॉन फेलन को हटाया, तनाव के बीच बड़ा फैसला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नौसेना के सचिव जॉन फेलन को तत्काल प्रभाव से हटा दिया है। यह निर्णय उस समय लिया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ रहा है। फेलन की बर्खास्तगी के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं, जिनमें नौसेना के जहाज निर्माण योजनाओं में सुधार की कमी और एथिक्स जांच शामिल हैं। इस घटनाक्रम के बाद हंग काओ को अस्थायी रूप से सचिव का कार्यभार सौंपा गया है। जानें इस फैसले के पीछे की पूरी कहानी और अमेरिका की रक्षा नीति पर इसके प्रभाव।
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ट्रंप का निर्णय

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए अमेरिकी नौसेना के सचिव जॉन फेलन को तुरंत उनके पद से हटा दिया है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ है और अमेरिका ने समुद्र में नाकाबंदी लागू कर रखी है। पेंटागन ने एक संक्षिप्त बयान में कहा कि फेलन को तुरंत प्रभाव से हटा दिया गया है, लेकिन हटाने का स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। कुछ रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि होर्मुज में अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी विफल होने के कारण भी यह निर्णय लिया गया।


फेलन की बर्खास्तगी के कारण

सूत्रों के अनुसार, फेलन को हटाने के पीछे कई कारण थे। सबसे प्रमुख कारण यह था कि वह नौसेना के जहाज निर्माण की योजनाओं में सुधार को तेजी से लागू नहीं कर पा रहे थे। इसके अलावा, उनका रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ, डिप्टी रक्षा मंत्री स्टीव फाइनबर्ग और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारी हंग काओ के साथ तालमेल भी अच्छा नहीं था। अब हंग काओ को अस्थायी रूप से नौसेना सचिव का कार्यभार सौंपा गया है।


जांच और तनाव

रिपोर्टों के अनुसार, फेलन के कार्यालय के खिलाफ चल रही एक एथिक्स जांच भी उनकी बर्खास्तगी का कारण बनी। इसके अलावा, फेलन और हेगसेथ के बीच कई महीनों से तनाव चल रहा था। हेगसेथ को लगता था कि फेलन काम में धीमे हैं और वह सीधे ट्रंप से बात करके नियमों को नजरअंदाज कर रहे हैं। व्हाइट हाउस में एक महत्वपूर्ण बैठक के बाद मामला और गंभीर हो गया। ट्रंप पहले से ही नौसेना के काम की धीमी गति से नाराज थे। उन्होंने हेगसेथ को इस मामले को तुरंत सुलझाने के लिए कहा। इसके बाद फेलन को इस्तीफा देने या हटाए जाने का विकल्प दिया गया।


पद पर नियुक्ति और बर्खास्तगी

यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के खिलाफ नाकाबंदी कर रहा है। अमेरिकी नौसेना अब तक 31 जहाजों को वापस भेज चुकी है और दो जहाजों को अपने कब्जे में भी लिया है। इस अभियान में नौसेना की महत्वपूर्ण भूमिका है। हालांकि, एक रिपोर्ट के अनुसार, 22 अप्रैल तक ईरान से जुड़े 34 जहाज नाकाबंदी तोड़ने में सफल रहे हैं। जॉन फेलन एक बड़े कारोबारी थे और उनके पास पहले कोई सैन्य अनुभव नहीं था। उन्हें 2025 में इस पद पर नियुक्त किया गया था और वे ट्रंप के करीबी माने जाते थे। उनकी बर्खास्तगी ट्रंप के कार्यकाल में किसी बड़े रक्षा अधिकारी की पहली कार्रवाई है।


पेंटागन में बदलाव

इससे पहले भी पेंटागन में कई बड़े बदलाव हुए हैं। इस महीने आर्मी चीफ ऑफ स्टाफ रैंडी जॉर्ज को बिना किसी कारण बताए पद से हटा दिया गया। डेविड हॉडने और विलियम ग्रीन जूनियर जैसे जनरल को भी हटाया जा चुका है। अमेरिकी सीनेटर जैक रीड ने इस फैसले को चिंताजनक बताया है और कहा है कि इससे रक्षा विभाग में अस्थिरता का संकेत मिलता है। यह सब ऐसे समय हो रहा है जब अमेरिका को चीन की तेजी से बढ़ती नौसेना का सामना करना पड़ रहा है। इसी कारण ट्रंप सरकार ने 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर का रक्षा बजट प्रस्तावित किया है, जिसमें 65 अरब डॉलर से अधिक नए युद्धपोत और सपोर्ट जहाजों पर खर्च करने की योजना है।