ट्रंप की ईरान नीति पर संकट: वॉर पावर एक्ट का दबाव

राष्ट्रपति ट्रंप की ईरान नीति पर संकट गहराता जा रहा है, क्योंकि डेमोक्रेट्स ने वॉर पावर एक्ट के तहत उनकी शक्तियों को सीमित करने की योजना बनाई है। यदि अगले 15 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो ट्रंप को ईरान के सामने हाथ जोड़ने की स्थिति में आ सकते हैं। जानें इस राजनीतिक ड्रामे के पीछे की सच्चाई और रिपब्लिकन पार्टी का ट्रंप के प्रति समर्थन।
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ट्रंप की स्थिति में बदलाव

वॉशिंगटन: राष्ट्रपति ट्रंप दुनिया के सामने यह दावा कर रहे हैं कि 'ईरान समझौता करने के लिए बेताब है', लेकिन असल चिंता उनके अपने खेमे में है। यदि अगले 15 दिनों में कोई समझौता नहीं हुआ, तो ट्रंप को ईरान के सामने हाथ जोड़ने की नौबत आ सकती है। इसका मुख्य कारण अमेरिका में 'वॉर पावर एक्ट' को लेकर चल रहा विवाद है, जो ट्रंप की शक्तियों को सीमित कर सकता है। आज अमेरिकी सीनेट में ट्रंप के खिलाफ एक ऐसा 'कानूनी जाल' तैयार किया जा रहा है, जो उन्हें बिना संसद की अनुमति के युद्ध जारी रखने से रोक देगा.


डेमोक्रेट्स की रणनीति

अमेरिका में डेमोक्रेट्स ने यह तय कर लिया है कि वे देश के भविष्य का निर्णय ट्रंप को अकेले नहीं लेने देंगे। वे वॉर पावर एक्ट के तहत ट्रंप की शक्तियों को कम करने के लिए वोटिंग करने जा रहे हैं। यदि यह सफल होता है, तो ट्रंप के पास ईरान के सामने हाथ जोड़ने या अपनी सेना को वापस बुलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचेगा.


वॉर पावर एक्ट का महत्व

वॉर पावर एक्ट एक ऐसा कानून है जो कहता है कि राष्ट्रपति बिना कांग्रेस की अनुमति के केवल 60 दिनों तक युद्ध कर सकते हैं। ईरान के साथ युद्ध शुरू हुए 45 दिन हो चुके हैं, जिससे ट्रंप के पास केवल 15 दिन का समय बचा है। डेमोक्रेट्स नेता चक शूमर ने स्पष्ट किया है कि ट्रंप ने संसद को किनारे कर दिया है और वे इसे और नहीं होने देंगे।


डेमोक्रेट्स की योजना

डेमोक्रेट्स ने ट्रंप की शक्तियों को सीमित करने के लिए 10 प्रस्ताव तैयार किए हैं। उनका इरादा है कि जब तक युद्ध समाप्त नहीं होता, वे हर हफ्ते एक नया प्रस्ताव लाते रहेंगे। दूसरी ओर, ट्रंप ने कहा है कि वे ईरान के साथ अगले 2 दिनों में पाकिस्तान में बातचीत कर सकते हैं, लेकिन डेमोक्रेट्स को उन पर भरोसा नहीं है.


रिपब्लिकन का समर्थन

इस पूरे घटनाक्रम के बीच, रिपब्लिकन पार्टी अभी भी ट्रंप के साथ मजबूती से खड़ी है। उनका मानना है कि ट्रंप का 'ईरान मिशन' सफल रहा है और वे जल्द ही इस युद्ध को समाप्त कर देंगे। रिपब्लिकन नेता जॉन थ्यून ने कहा है कि ट्रंप के पास एक स्पष्ट योजना है और जल्द ही संसद के सवालों की आवश्यकता नहीं पड़ेगी.