ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिपरई में सांदीपनि सी.एम. राइज स्कूल का उद्घाटन किया
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने पिपरई में ₹32 करोड़ की लागत से बने सांदीपनि सी.एम. राइज स्कूल का उद्घाटन किया। इस स्कूल का उद्देश्य गाँव के बच्चों को समान अवसर प्रदान करना है। सिंधिया ने कहा कि यह विद्यालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में आधुनिक सुविधाओं और व्यावसायिक शिक्षा पर जोर दिया। इसके अलावा, चंदेरी में शिशु मंदिर का उद्घाटन और माधव महाविद्यालय में अपने पिता की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
| Feb 4, 2026, 18:57 IST
शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल
अशोकनगर/गुना/भोपाल। केंद्रीय संचार एवं पूर्वोत्तर क्षेत्र मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज अपने भोपाल-अशोकनगर दौरे के अंतिम दिन पिपरई में ₹32 करोड़ की लागत से बनने वाले ‘सांदीपनि सी.एम. राइज स्कूल’ का उद्घाटन किया। इससे पहले, उन्होंने चंदेरी में शिशु मंदिर का उद्घाटन किया और माधव महाविद्यालय में अपने पिता स्व. माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण किया, साथ ही नई माधव साइंस कॉलेज बिल्डिंग का लोकार्पण भी किया। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र के नागरिकों, अभिभावकों और छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि यह विद्यालय केवल एक इमारत नहीं है, बल्कि गाँव के बच्चों के सपनों और उज्ज्वल भविष्य की नींव है।
गाँव के बच्चों को समान अवसर
समारोह में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उद्देश्य है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले। उन्होंने बताया कि पिपरई में स्थापित यह स्कूल यह सुनिश्चित करेगा कि गाँव के बच्चे भी वही संसाधन और अवसर प्राप्त करें जो बड़े शहरों के बच्चों को मिलते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा इन स्कूलों का नाम ‘सांदीपनि’ रखने को महत्वपूर्ण बताया, क्योंकि महर्षि सांदीपनि भगवान श्री कृष्ण के गुरु थे और ऐसे शिक्षालय बच्चों को ‘सर्व गुण सम्पन्न’ बनाने की प्रेरणा देंगे।
आधुनिक सुविधाएँ और व्यावसायिक शिक्षा का संगम
सिंधिया ने बताया कि ₹32 करोड़ की लागत से बनने वाला यह परिसर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। इसमें स्मार्ट क्लासरूम, विज्ञान, गणित और भाषा के लिए आधुनिक प्रयोगशालाएँ, और नवीन शिक्षण संसाधन उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही, व्यावसायिक शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाएगा, ताकि विद्यार्थी केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रहें, बल्कि तकनीकी और व्यावहारिक कौशल भी प्राप्त कर सकें और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में योगदान दे सकें।
चंदेरी में शिक्षा और विरासत को समर्पित महत्वपूर्ण पहल
इससे पहले, केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने चंदेरी में ₹30 लाख की लागत से निर्मित शिशु मंदिर का उद्घाटन किया। इसके साथ ही, उन्होंने माधव महाविद्यालय परिसर में अपने पिता स्व. माधवराव सिंधिया की प्रतिमा का अनावरण किया और नई माधव साइंस कॉलेज भवन का लोकार्पण भी किया। इन कार्यों के माध्यम से शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्र की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को सम्मान देने का संदेश दिया गया।
संस्कार, संस्कृति और जिम्मेदार नागरिकता
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल रोजगार प्रदान करना नहीं है, बल्कि संस्कारवान, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिक तैयार करना भी है। इस विद्यालय में बच्चों को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ा जाएगा, ताकि वे ज्ञान के साथ-साथ चरित्र निर्माण की भी मजबूत नींव प्राप्त कर सकें।
नया भारत: ज्ञान और तकनीक का संगम
अपने संबोधन में सिंधिया ने कहा कि पिछले एक दशक में भारत की शिक्षा प्रणाली में ऐतिहासिक बदलाव आए हैं। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में लागू ‘नई शिक्षा नीति’ (NEP) विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुसार आगे बढ़ने का अवसर दे रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इसी स्कूल से भविष्य के डॉक्टर, इंजीनियर, वैज्ञानिक, उद्यमी और देश का नेतृत्व करने वाले लोग निकलेंगे। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की सरकार में प्रदेश में बच्चों की शिक्षा को लेकर बड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
