ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल: पूजा विधि और महत्व
दूसरा बड़ा मंगल 2026:
आज 12 मई को ज्येष्ठ माह का दूसरा बड़ा मंगल मनाया जा रहा है। हिन्दू धर्म में इस महीने के सभी मंगलवार को बड़ा मंगल या बुढ़वा मंगल के रूप में विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, इस महीने के मंगलवार को भगवान राम और भगवान हनुमान की पहली भेंट हुई थी।
बड़े मंगल का धार्मिक महत्व
ज्येष्ठ माह में पड़ने वाले बड़े मंगल का हिन्दू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व है। कहा जाता है कि इस व्रत को करने से रामभक्त हनुमानजी की कृपा प्राप्त होती है, जिससे कुंडली में मंगल दोष दूर होता है और जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। यह पर्व विशेष रूप से उत्तर भारत, खासकर उत्तर प्रदेश और लखनऊ में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।
दूसरा बड़ा मंगल 2026 पूजा मुहूर्त
ज्योतिषियों के अनुसार, दूसरे बड़े मंगल का शुभ पूजा मुहूर्त आज सुबह 8:55 बजे से लेकर दोपहर 1:59 बजे तक रहेगा। इस दिन सुबह के समय हनुमान जी की पूजा करना अत्यंत शुभ माना जाता है। हनुमान जी को चोला चढ़ाने से वे प्रसन्न होते हैं और अपने भक्तों पर कृपा बनाए रखते हैं।
हनुमान जी की पूजा कैसे करें?
- सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और लाल वस्त्र पहनें।
- हनुमान जी को चमेली के तेल में मिला हुआ सिंदूर चढ़ाएं।
- धूपबत्ती, अगरबत्ती और दीपक जलाएं।
- बजरंगबली को बूंदी के लड्डू, गुड़चना और फलों का भोग लगाएं।
- हनुमान चालीसा, सुंदरकांड या बजरंग बाण का पाठ करें।
- अंत में भगवान हनुमान जी की आरती करें।
बड़ा मंगल व्रत के लाभ
हनुमान भक्तों के लिए ज्येष्ठ महीने का बड़ा मंगल व्रत अत्यंत महत्वपूर्ण है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन विधिपूर्वक हनुमान जी की पूजा करने से बजरंगबली प्रसन्न होते हैं। ज्येष्ठ मास की गर्मी में जल सेवा, प्रसाद वितरण और भंडारा कराने से राम जी का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसके साथ ही शत्रुओं का नाश होता है और जीवन में आने वाली बड़ी मुसीबतें टल जाती हैं।
