जोड़ों के दर्द को बढ़ाने वाली 5 सामान्य गलतियाँ

आज की तेज़-तर्रार जीवनशैली में जोड़ों का दर्द एक आम समस्या बन गई है, जो पहले केवल उम्र बढ़ने के साथ देखी जाती थी। डॉ. बिमल झाजर के अनुसार, 30-40 साल के लोग भी अब इस समस्या का सामना कर रहे हैं। गलत खानपान और जीवनशैली इसके मुख्य कारण हैं। इस लेख में, हम उन 5 सामान्य गलतियों के बारे में जानेंगे जो जोड़ों के दर्द को बढ़ा सकती हैं, जैसे बिना सलाह के कैल्शियम और विटामिन D लेना, पेनकिलर का अधिक सेवन, और वजन बढ़ाना। साथ ही, हम जोड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय भी साझा करेंगे।
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जोड़ों के दर्द का बढ़ता प्रकोप

डॉ. बिमल झाजर, जो एम्स के पूर्व कंसल्टेंट और साओल हार्ट सेंटर के संस्थापक हैं, का कहना है कि आजकल की तेज़-तर्रार जीवनशैली में जोड़ों का दर्द तेजी से बढ़ रहा है। पहले यह समस्या केवल उम्र बढ़ने के साथ देखी जाती थी, लेकिन अब यह 30 से 40 साल के लोगों में भी आम हो गई है। गलत खानपान, जीवनशैली और व्यायाम की कमी इसके मुख्य कारण हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय पर कुछ गलतियों को सुधार लिया जाए, तो घुटनों, कमर और रीढ़ को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।


जोड़ों के दर्द को बढ़ाने वाली 5 गलतियाँ

बिना सलाह के कैल्शियम और विटामिन D लेना
लोग अक्सर जोड़ों के दर्द के समय कैल्शियम और विटामिन D सप्लीमेंट लेना शुरू कर देते हैं, जबकि हर दर्द हड्डियों की कमजोरी से नहीं होता। ऑस्टियोआर्थराइटिस में कार्टिलेज घिसता है, जिसे ये सप्लीमेंट ठीक नहीं कर सकते। इसलिए डॉक्टर की सलाह लेना आवश्यक है।
पेनकिलर का ज्यादा इस्तेमाल
जोड़ों के दर्द में लोग तुरंत राहत के लिए पेनकिलर (NSAIDs) का सेवन करने लगते हैं। लेकिन लंबे समय तक इसका सेवन पेट, किडनी और दिल पर बुरा असर डाल सकता है।
एक्सरसाइज बिल्कुल न करना या जरूरत से ज्यादा करना
फिजिकल एक्टिविटी की कमी और जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज दोनों ही हड्डियों के लिए हानिकारक हो सकते हैं।
बढ़ता वजन और लेट नाइट हैवी मील का सेवन
मोटापा घुटनों और रीढ़ पर दबाव डालता है। खासकर रात में भारी भोजन करने से जोड़ों का दर्द बढ़ सकता है।
पानी कम पीना
जोड़ों के कार्टिलेज में लिक्विड होता है जो कुशन का काम करता है। पानी की कमी से यह सूखने लगता है और दर्द बढ़ जाता है।


जोड़ों को स्वस्थ रखने के उपाय

  • संतुलित आहार लें, जिसमें हरी सब्जियाँ, दालें और होल ग्रेन्स शामिल हों।
  • रोजाना हल्की एक्सरसाइज और योग करें।
  • सही पोस्चर में बैठकर काम करें।
  • वजन को नियंत्रित रखें।
  • पर्याप्त पानी पिएं।
  • जरूरत पड़ने पर फिजियोथेरपी और डॉक्टर की सलाह लें।


कब कराएं जांच?

यदि जोड़ों में लगातार दर्द, अकड़न या सूजन हो रही है, तो समय पर जांच कराना आवश्यक है।