जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू-कश्मीर दौरे से पहले, सुरक्षाबलों ने घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है। हाल ही में उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में हुए एनकाउंटर में जैश-ए-मोहम्मद के कई आतंकवादी मारे गए हैं। इस लेख में इन एनकाउंटरों की विस्तृत जानकारी दी गई है, जिसमें सुरक्षाबलों की रणनीतियों और आतंकवादियों की पहचान शामिल है। जानें कैसे ये कार्रवाइयां जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति को प्रभावित कर सकती हैं।
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जम्मू-कश्मीर में आतंकवादियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की निर्णायक कार्रवाई

केंद्रीय गृह मंत्री का जम्मू-कश्मीर दौरा

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू-कश्मीर दौरे से पहले, सुरक्षाबलों ने घाटी में आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई को तेज कर दिया है। शाह 5 फरवरी 2026 से तीन दिवसीय यात्रा पर जम्मू पहुंचेंगे, जहां वे सुरक्षा स्थिति का आकलन करेंगे, राजनीतिक नेताओं से बातचीत करेंगे और विकास परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। उनके आगमन से पहले, 4 फरवरी 2026 को उधमपुर और किश्तवाड़ जिलों में दो महत्वपूर्ण एनकाउंटर हुए, जिनमें जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादी मारे गए।


उधमपुर एनकाउंटर: जैश के दो कमांडर ढेर

उधमपुर जिले के जाफर जंगल क्षेत्र में सुरक्षाबलों ने ड्रोन और रॉकेट लॉन्चर का उपयोग करते हुए एक गुफा पर हमला किया। इस ऑपरेशन, जिसे 'किया' नाम दिया गया, में जैश-ए-मोहम्मद के दो प्रमुख कमांडर मारे गए।



  • रुबानी उर्फ अबू माविया (एक प्रमुख कमांडर, जो क्षेत्र में कई वर्षों से सक्रिय था)।

  • दूसरा आतंकवादी भी जैश का था। यह मुठभेड़ 20 घंटे से अधिक समय तक चली, जिसमें भारी गोलीबारी और विस्फोट हुए। इस दौरान कोई जवान शहीद नहीं हुआ।


किश्तवाड़ एनकाउंटर: एक आतंकवादी मारा गया, सैफुल्ला घिरा

किश्तवाड़ जिले के छत्रू इलाके में, ऑपरेशन ट्राशी-I के तहत जैश-ए-मोहम्मद के टॉप कमांडर सैफुल्ला समेत 2-3 पाकिस्तानी आतंकियों को घेर लिया गया है। सैफुल्ला को इस क्षेत्र में कई हत्याओं और हमलों का मास्टरमाइंड माना जाता है।



  • अब तक की गोलीबारी में एक आतंकवादी मारा गया है।

  • घेराबंदी सख्त है और रुक-रुक कर फायरिंग जारी है।

  • मोबाइल इंटरनेट सेवाएं निलंबित कर दी गई हैं, और हेलीकॉप्टर तथा ड्रोन का उपयोग किया जा रहा है। यह ऑपरेशन जनवरी से चल रहा है, जिसमें पहले भी मुठभेड़ें हुईं और एक पैराट्रूपर शहीद हो चुका है।


ऑपरेशन ऑलआउट के तहत कार्रवाई

इन कार्रवाइयों को ऑपरेशन ऑलआउट के तहत बताया जा रहा है, जो जम्मू क्षेत्र में विदेशी आतंकियों, विशेषकर जैश, को समाप्त करने पर केंद्रित है। अधिकारियों का कहना है कि जम्मू डिवीजन के ऊपरी इलाकों में पाकिस्तानी आतंकियों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।