जनगणना में जानकारी छिपाने पर सजा और जुर्माना: जानें नियम

गोरखपुर में जनगणना के दौरान जानकारी छिपाने पर जुर्माना और सजा का प्रावधान है। जनगणना अधिनियम 1948 के तहत, जानबूझकर तथ्य छिपाने पर एक हजार रुपये का जुर्माना और तीन साल की सजा हो सकती है। प्रगणक घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे और यदि किसी ने संपत्ति की जानकारी छिपाई, तो कार्रवाई की जाएगी। जानें जनगणना फॉर्म में अनोखे सवाल और मुखिया की पहचान के नियम।
 | 
gyanhigyan

जनगणना अधिनियम के तहत दंड का प्रावधान

गोरखपुर: जनगणना में जानबूझकर जानकारी छिपाने पर जनगणना अधिनियम 1948 की धारा 11 के अनुसार एक हजार रुपये का जुर्माना और तीन साल की सजा का प्रावधान है। इस मामले में उत्तरदाता और प्रगणक दोनों के लिए समान दंड का प्रावधान है। यदि कोई प्रगणक जनगणना में प्राप्त जानकारी को बाहर साझा करता है, तो आरोप साबित होने पर भी दंड का प्रावधान है।


स्वगणना के दौरान सतर्कता

सोमवार को जनगणना के पांचवें दिन स्वगणना जारी रही। इस दौरान कुछ लोगों द्वारा तथ्यों को छिपाने की चर्चा के बीच प्रगणक और पर्यवेक्षक सतर्क हो गए हैं। वे जनगणना अधिनियम के प्रावधानों पर चर्चा कर रहे हैं। यदि हाउस लिस्टिंग ब्लॉक में अधिक अनियमितता पाई जाती है, तो प्रगणक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।


भौतिक सत्यापन की प्रक्रिया

गोरखपुर में चार्ज अधिकारी/एसडीएम दीपक गुप्ता ने बताया कि जनगणना के दौरान प्रगणक घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे। यदि किसी के पास बड़ा मकान है और उसने कम कमरे बताए हैं, तो जनगणना कर्मी इसकी जांच करेंगे। इसी तरह, यदि किसी के घर में दो या तीन कारें हैं और वह केवल एक कार को अपना बता रहा है, तो इसकी भी जांच की जाएगी।


चल-अचल संपत्ति की जानकारी

जिला जनगणना अधिकारी विनीत कुमार सिंह ने कहा कि जनगणना में किसी को चल-अचल संपत्ति छिपाने की आवश्यकता नहीं है। इसके तथ्यों का आयकर या अन्य सुविधाओं से कोई संबंध नहीं है। यदि किसी विवाद के बाद आरोप साबित होते हैं, तो जनगणना अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।


जनगणना फॉर्म में अनोखे सवाल

जनगणना के फॉर्म में कई हैरान कर देने वाले सवाल हैं। 34 सवालों में से एक यह है कि आपकी पत्नी कितनी हैं? यदि पत्नी की संख्या दो है, तो डबल फैमिली का विकल्प भरना होगा। यदि एक महिला के दो पति हैं, तो उसे सिंगल फैमिली माना जाएगा। परिवार में दंपति की गणना पत्नी की संख्या से निर्धारित होगी।


मुखिया की पहचान

परिवार में दादादादी, पितामाता और पुत्रबहू होने पर यह जरूरी नहीं है कि मुखिया वही हो जो सबसे बड़ा हो। परिवार के सदस्य जिसे मुखिया बताएंगे, वही फॉर्म में भरा जाएगा। जनगणना के लिए फॉर्म पूरी अध्ययन के बाद तैयार किया गया है। परिवार की मुखिया कोई भी महिला हो सकती है, और इसके लिए उम्र की कोई सीमा नहीं है।