छत्तीसगढ़: रतनजोत के बीज खाने से 24 बच्चे बीमार, 7 की हालत गंभीर
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बोरझरा गांव में बच्चों ने खेल-खेल में रतनजोत के जहरीले बीज खा लिए, जिससे 24 बच्चे बीमार हो गए। इनमें से 7 की हालत गंभीर है। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया है और प्रशासन ने स्थिति पर नजर रखने के लिए टीम भेजी है। डॉक्टरों ने बताया कि रतनजोत के बीज में मौजूद टॉक्सिन गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न कर सकते हैं। यह घटना बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता की कमी को उजागर करती है।
| Feb 2, 2026, 13:24 IST
धमतरी जिले में बच्चों की स्वास्थ्य स्थिति
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के बोरझरा गांव में रविवार (1 फरवरी 2026) को एक चिंताजनक घटना घटी। खेल-खेल में बच्चों ने रतनजोत (जट्रोफा कर्कस) के बीज खा लिए, जिसके परिणामस्वरूप 24 से अधिक बच्चों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। बच्चों में उल्टी, पेट दर्द, चक्कर और अन्य पाचन संबंधी गंभीर समस्याएं उत्पन्न हो गईं।
घटना का विवरण:
- गांव में रामायण का आयोजन चल रहा था। इसी दौरान बच्चे खेलते-खेलते पास में उगे रतनजोत के बीजों को काजू या मूंगफली समझकर खाने लगे।
- बीजों का मीठा स्वाद होने के कारण बच्चे अधिक मात्रा में खा गए।
- कुछ ही समय बाद बच्चों को उल्टी और चक्कर आने लगे। ग्रामीणों ने तुरंत माता-पिता को सूचित किया।
- स्थानीय लोगों ने बच्चों को धमतरी जिला अस्पताल पहुंचाने में तत्परता दिखाई।
- अस्पताल में कुल 24+ बच्चों का प्राथमिक उपचार शुरू किया गया।
- 7 बच्चों की स्थिति गंभीर बताई जा रही है, जिन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है और आवश्यकता पड़ने पर उच्च केंद्र रेफर किया जा सकता है।
- डॉक्टरों ने बताया कि रतनजोत के बीज जहरीले होते हैं, इनमें टॉक्सिन (जैसे फोरबोल एस्टर) होते हैं जो पेट में जलन, उल्टी-दस्त और डिहाइड्रेशन का कारण बनते हैं।
रतनजोत के बारे में: रतनजोत एक जंगली पौधा है, जिसके बीज बायो-डीजल के लिए उपयोग होते हैं, लेकिन ये बेहद जहरीले होते हैं। बच्चों में यह जहर तेजी से असर करता है और गंभीर मामलों में जानलेवा भी साबित हो सकता है।
ग्रामीणों और प्रशासन की प्रतिक्रिया:
- गांव में हड़कंप मच गया है।
- जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत टीम भेजकर स्थिति पर नजर रखी है।
- लोगों से अपील की गई है कि बच्चों को ऐसे अज्ञात बीज या फल न खाने दें और जागरूक रहें।
यह घटना बच्चों की सुरक्षा और जागरूकता की कमी को एक बार फिर उजागर करती है। सभी बच्चे खतरे से बाहर आने की उम्मीद है, लेकिन 7 गंभीर मरीजों पर डॉक्टरों की नजर बनी हुई है।
