चीन द्वारा हवाई क्षेत्र के अवरुद्ध होने से बढ़ी चिंताएँ

चीन ने एक महीने से अधिक समय से समुद्र के ऊपर के हवाई क्षेत्र को अवरुद्ध कर रखा है, जिससे रक्षा विशेषज्ञों और क्षेत्रीय अधिकारियों में चिंता बढ़ गई है। इस स्थिति के पीछे के कारणों को लेकर अटकलें लगाई जा रही हैं, खासकर जब ताइवान के पास चीनी सैन्य उड़ानों में कमी आई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह अधिक जटिल सैन्य गतिविधियों की तैयारी का संकेत हो सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप शी जिनपिंग से मुलाकात करने के लिए चीन की यात्रा पर जा रहे हैं, जो इस समय की स्थिति को और भी महत्वपूर्ण बनाता है।
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चीन के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध

चीन ने पिछले एक महीने से अधिक समय से समुद्र के ऊपर के हवाई क्षेत्र के बड़े हिस्से को बंद कर रखा है, जिससे रक्षा विशेषज्ञों और क्षेत्रीय अधिकारियों की चिंता बढ़ गई है। ये प्रतिबंध मार्च के अंत में शुरू हुए थे और मई की शुरुआत तक जारी रहने की संभावना है। बीजिंग ने इस स्थिति के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी है, जो असामान्य है। आमतौर पर, ऐसे नोटिस कुछ दिनों के सैन्य अभ्यासों से संबंधित होते हैं। इस लंबे समय तक हवाई क्षेत्र को बंद रखने और आधिकारिक घोषणा की कमी ने इस निर्णय के पीछे के कारणों को लेकर अटकलें शुरू कर दी हैं। यह प्रतिबंधित क्षेत्र ताइवान से काफी दूर है, जिससे स्थिति और भी जटिल हो गई है। यह घटना ताइवान के पास चीनी सैन्य उड़ानों में अप्रत्याशित कमी के बाद आई है, जो पहले नियमित रूप से होती थीं।


सैन्य गतिविधियों की संभावित तैयारी

हवाई क्षेत्र से संबंधित चेतावनियाँ “नोटिस टू एयर मिशन्स” (नोटम्स) के रूप में जारी की गई हैं। ये चेतावनियाँ आमतौर पर पायलटों को अस्थायी खतरों या प्रतिबंधों के बारे में सूचित करने के लिए होती हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि वर्तमान स्थिति अधिक जटिल सैन्य गतिविधियों की तैयारी का संकेत दे सकती है। वॉल स्ट्रीट जर्नल में उद्धृत विश्लेषकों के अनुसार, इन क्षेत्रों का उपयोग हवाई युद्ध परिदृश्यों का अनुकरण करने के लिए किया जा सकता है, जो संभवतः ताइवान से जुड़े भविष्य के संघर्षों से संबंधित हो सकते हैं। ताइवानी अधिकारियों ने भी चिंता व्यक्त की है, उनका मानना है कि जब वैश्विक ध्यान मध्य पूर्व में तनाव पर केंद्रित है, तब चीन अपने अभियानों को तेज कर सकता है। अभ्यास का समय महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी विमानवाहक पोत प्रशांत महासागर के बजाय खाड़ी में तैनात हैं।


ट्रंप और जिनपिंग की संभावित मुलाकात

चीन में ट्रंप-जिनपिंग की मुलाकात

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14 और 15 मई को अपनी चीन यात्रा के दौरान शी जिनपिंग से मुलाकात करेंगे। इससे पहले, ट्रंप की यात्रा 31 मार्च से 2 अप्रैल तक निर्धारित थी, लेकिन मध्य पूर्व में अशांति के कारण इसमें देरी हुई। मार्च में बीजिंग और वाशिंगटन के प्रतिनिधियों ने दोनों नेताओं के बीच होने वाली इस महत्वपूर्ण बैठक से पहले पेरिस में आर्थिक और व्यापारिक वार्ता की थी।