चंडी देवी मंदिर में भालुओं का अनोखा दर्शन

चंडी देवी मंदिर में एक अनोखा दृश्य देखने को मिलता है, जहां भालुओं का एक परिवार रोजाना दर्शन के लिए आता है। यह मंदिर लगभग 150 साल पुराना है और यहां श्रद्धालुओं की भीड़ माता के दर्शन के लिए जुटती है। भालू न केवल दर्शन करते हैं, बल्कि आरती में भी शामिल होते हैं। जानें इस अद्भुत नजारे के बारे में और कैसे ये भालू बिना किसी को नुकसान पहुंचाए वापस जंगल लौट जाते हैं।
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भालुओं की भक्ति का अद्भुत नजारा


चंडी देवी के मंदिर में एक परिवार के भालू रोजाना दर्शन के लिए आते हैं। महासमुंद जिले में स्थित इस मंदिर में न केवल भक्तों की आस्था है, बल्कि जानवरों की भी आस्था जुड़ी हुई है। यहां हर दिन हजारों श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए आते हैं और भालुओं की भक्ति को देखकर हैरान रह जाते हैं।

यह मंदिर लगभग 150 साल पुराना है। मंदिर के अंदर मां चंडी की एक खूबसूरत प्राकृतिक प्रतिमा स्थापित है। दर्शन के लिए आने वाले लोग माता का आशीर्वाद लेने के साथ-साथ भालुओं को देखने के लिए भी एकत्र होते हैं।


लोगों को भालुओं के परिवार के मंदिर आने का इंतजार घंटों तक करना पड़ता है। पुजारी बताते हैं कि शाम को आरती के समय ये भालू माता रानी के दर्शन के लिए आते हैं। ये भालू आरती में भी शामिल होते हैं और पूजा समाप्त होने के बाद प्रसाद लेकर बिना किसी को नुकसान पहुंचाए जंगल की ओर लौट जाते हैं।