गैस संकट पर कांग्रेस अध्यक्ष का बयान: सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल
गैस की कमी और लंबी कतारें
कांग्रेस के अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने शनिवार को देश में गैस की कमी की समस्या पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि लोग गैस के लिए लंबी कतारों में खड़े हैं। खरगे ने इस संकट का मुख्य कारण सरकार की विदेश नीति में खामियों को बताया और कहा कि इस मुद्दे पर उचित ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हाल ही में अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और ईरान की प्रतिक्रिया के कारण पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ गया है, जिससे गैस की कमी की समस्या उत्पन्न हुई है।
सरकार की प्रतिक्रिया
बेंगलुरु में एक कार्यक्रम के दौरान, खरगे ने कहा कि गैस की समस्या सभी के लिए गंभीर बन गई है और सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। हालांकि, उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दे रही है क्योंकि उनकी विदेश नीति सही नहीं है। इसके विपरीत, कर्नाटक के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री के.एच. मुनियप्पा ने कहा कि घरेलू और सार्वजनिक परिवहन के लिए गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है।
सरकार की पहल
सरकार ने इंडियन ऑयल को दैनिक बिक्री बढ़ाने का निर्देश दिया है, जो वर्तमान में 59.53 मीट्रिक टन है। इसके साथ ही, निजी वितरकों को कालाबाजारी और अनधिकृत मूल्य वृद्धि के खिलाफ चेतावनी दी गई है। जमाखोरी को रोकने के लिए जिला स्तर पर निगरानी समितियों का गठन किया गया है। भारत सरकार ने शनिवार को जनता को आश्वस्त किया कि देशभर में पेट्रोल, डीजल, एलपीजी और पेट्रोलियम जेली (पीजी) की पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।
इंडियन ऑयल की स्थिति
इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने शुक्रवार को स्पष्ट किया कि उसके पांच किलोग्राम के फ्री ट्रेड लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (एफटीएल) सिलेंडर प्रवासी श्रमिकों को लगातार उपलब्ध कराए जा रहे हैं। कंपनी ने कहा कि आपूर्ति में निरंतरता बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की गई हैं।
