गर्मी में बिजली संकट की अफवाहें बेबुनियाद, सरकार ने दी सफाई

इस गर्मी में बिजली की मांग में अभूतपूर्व वृद्धि के बीच, सरकार ने कोयले की कमी और संभावित पावर कट की अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है। प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो ने स्पष्ट किया है कि देश में बिजली संकट नहीं है और पावर ग्रिड पूरी तरह सुरक्षित है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, बिजली की मांग ने नए रिकॉर्ड बनाए हैं, लेकिन सप्लाई में कोई कमी नहीं आई है। जानें इस विषय पर सरकार की तैयारी और भविष्य की योजनाएं।
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गर्मी में बिजली की मांग में वृद्धि

उत्तर, मध्य और पश्चिम भारत में इस समय अत्यधिक गर्मी का सामना किया जा रहा है। तापमान बढ़ने के साथ, घरों में एसी और कूलर की खपत में तेजी आई है, जिससे बिजली की मांग ने सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। इस बीच, सोशल मीडिया पर कोयले की कमी और संभावित ब्लैकआउट की अफवाहें फैल गई हैं, जिससे आम जनता में चिंता बढ़ गई है। क्या हमें इस गर्मी में लंबे पावर कट का सामना करना पड़ेगा? इस पर सरकार ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा है कि देश में कोई बिजली संकट नहीं है और पावर ग्रिड पूरी तरह से सुरक्षित है।


कोयले का पर्याप्त भंडार

सोशल मीडिया पर हाल ही में थर्मल पावर प्लांट्स में कोयले की कमी की खबरें तेजी से फैल रही थीं। इन भ्रामक दावों को खारिज करते हुए, सरकार ने बताया कि देश के बिजली घरों में कोयले का पर्याप्त भंडार है। वर्तमान में 53.702 मिलियन टन कोयला उपलब्ध है, जो मौजूदा मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है। इसके अलावा, 2 मई 2026 को देश ने बिना किसी कटौती के 229 गीगावाट की पीक पावर डिमांड को सफलतापूर्वक पूरा किया। ग्रिड संचालन को मानकों के अनुसार प्रबंधित किया जा रहा है और इसकी स्थिरता सुनिश्चित की जा रही है।


बिजली की खपत में वृद्धि के बावजूद सप्लाई में कोई कमी नहीं

गर्मी के प्रभाव को देखते हुए, बिजली मंत्रालय ने आंकड़े जारी किए हैं। अप्रैल के दूसरे पखवाड़े से बिजली की मांग में लगातार वृद्धि हो रही है। 25 अप्रैल 2026 को बिजली की मांग 256.1 गीगावाट के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थी, जिसे बिना किसी रुकावट के पूरा किया गया। इसके साथ ही, पड़ोसी देशों को भी बिजली का निर्यात जारी रहा। पिछले साल की तुलना में इस साल 1 से 27 अप्रैल के बीच बिजली की खपत में 8 से 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।


भविष्य की तैयारी

भारतीय मौसम विभाग ने इस साल भीषण गर्मी का अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर, केंद्र ने सभी राज्यों को अस्पतालों में 'हीट स्ट्रोक मैनेजमेंट यूनिट' और एम्बुलेंस तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि मई और जून में गर्मी बढ़ने के साथ, बिजली की मांग 270 गीगावाट तक पहुंच सकती है। इस चुनौती का सामना करने के लिए सरकार ने उत्पादन क्षमता में 65 गीगावाट का इजाफा किया है, जिससे गर्मी के मौसम में बिजली की आपूर्ति में कोई बाधा नहीं आएगी।