क्रेडिट कार्ड धारकों के लिए RBI का नया नियम: 3 दिन का ग्रेस पीरियड

भारतीय रिजर्व बैंक ने क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं के लिए नए नियमों की घोषणा की है, जिसमें ग्राहकों को बिल चुकाने के लिए तीन दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा। यह बदलाव उन लोगों के लिए राहत प्रदान करेगा जो कभी-कभी ड्यू डेट चूक जाते हैं। इसके अलावा, लेट फीस केवल बकाया राशि पर लागू होगी, जिससे ग्राहकों पर आर्थिक बोझ कम होगा। प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए भी राहत की घोषणा की गई है। जानें इस नए नियम के सभी पहलुओं के बारे में।
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क्रेडिट कार्ड उपयोगकर्ताओं के लिए राहत की खबर

क्रेडिट कार्ड का उपयोग करने वाले लाखों ग्राहकों के लिए एक महत्वपूर्ण सूचना आई है। भारतीय रिजर्व बैंक ने नियमों में बदलाव करते हुए उपयोगकर्ताओं को अतिरिक्त समय और कम शुल्क का लाभ देने का निर्णय लिया है। यदि आप क्रेडिट कार्ड का बिल समय पर नहीं चुका पाते हैं, तो अब आपको चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। नए नियमों के अनुसार, भुगतान की निर्धारित तिथि के बाद भी आपको तीन दिन का अतिरिक्त समय मिलेगा, जिसमें बिना किसी दंड के बिल का भुगतान किया जा सकेगा। यह विशेष रूप से उन लोगों के लिए राहत है जो कभी-कभी ड्यू डेट चूक जाते हैं और भारी जुर्माने का सामना करते हैं।


अब मिलेगा 3 दिन का ग्रेस पीरियड

RBI के नए दिशा-निर्देशों के अनुसार, निर्धारित तिथि के बाद तुरंत लेट फीस लागू नहीं होगी। ग्राहकों को तीन दिन का अतिरिक्त समय दिया जाएगा। उदाहरण के लिए, यदि आपकी ड्यू डेट 5 तारीख है, तो आप 8 तारीख तक बिना किसी दंड के भुगतान कर सकते हैं।


लेट फीस पर भी लगी सीमा

एक और महत्वपूर्ण बदलाव यह है कि अब लेट फीस केवल बकाया राशि पर ही लागू होगी, पूरी बिल राशि पर नहीं। इससे ग्राहकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ कम होगा और भुगतान करना आसान होगा। हालांकि, तीन दिन की अवधि समाप्त होने के बाद भी यदि भुगतान नहीं किया गया, तो इसे बकाया माना जाएगा, जिससे आपके क्रेडिट स्कोर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसलिए समय पर भुगतान करना आवश्यक है।


आपदा में भी मिलेगी राहत

RBI ने प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावित लोगों के लिए भी राहत की घोषणा की है। अब बैंक स्वयं ग्राहकों को राहत प्रदान कर सकेंगे, उन्हें आवेदन करने की आवश्यकता नहीं होगी। क्रेडिट कार्ड से संबंधित ये नए नियम 1 अप्रैल 2027 से लागू होंगे, जबकि आपदा से संबंधित राहत नियम 1 जुलाई 2026 से प्रभावी होंगे।