केंद्रीय बजट 2026-27: विकास और रोजगार सृजन पर जोर
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया, जिसमें विनिर्माण, अवसंरचना और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी गई है। बजट में तीन मुख्य कर्तव्यों पर ध्यान केंद्रित किया गया है: उत्पादकता बढ़ाना, लोगों की क्षमता का विकास करना, और समावेशी विकास सुनिश्चित करना। सीतारमण ने किसानों और छोटे व्यवसायों के लिए विशेष योजनाओं का प्रस्ताव रखा है, साथ ही उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा देने के लिए भी उपाय किए गए हैं। इस बजट में राजकोषीय घाटा और कर्ज-जीडीपी अनुपात को नियंत्रित करने के लक्ष्य भी निर्धारित किए गए हैं।
| Feb 1, 2026, 17:04 IST
वित्त मंत्री का बजट 2026-27
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 प्रस्तुत किया, जिसमें विनिर्माण, अवसंरचना और रोजगार सृजन को प्रोत्साहित करने के लिए कई उपाय शामिल हैं। इस बजट में सरल कर और सीमा शुल्क प्रणाली का प्रस्ताव रखा गया है, और इसे सरकार के आधुनिकीकरण प्रयासों का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया गया है। बजट का आधार तीन मुख्य 'कर्तव्यों' पर है - उत्पादकता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देना, लोगों की क्षमता का विकास करना, और 'सबका साथ, सबका विकास' के सिद्धांत के तहत समावेशी विकास को सुनिश्चित करना।
विकास के लिए बहुआयामी रणनीति
सीतारमण ने संसद में अपने नौवें बजट में वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच विकास को बनाए रखने के लिए एक बहुआयामी रणनीति पेश की। इसमें घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षमताओं का विस्तार, अवसंरचना परियोजनाओं के जोखिम को कम करना, और उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए युवाओं को कौशल प्रदान करना शामिल है। इसके अलावा, करदाताओं और आयातकों के लिए अनुपालन को सरल बनाने पर भी जोर दिया गया है।
बुनियादी ढांचे पर ध्यान
सीतारमण ने आम बजट पेश करते हुए लोकलुभावन योजनाओं से दूर रहने का निर्णय लिया और 'सुधार एक्सप्रेस' को जारी रखने की बात कही। उन्होंने किसानों, युवाओं और छोटे व्यवसायों पर ध्यान केंद्रित करते हुए बुनियादी ढांचे को मजबूत करने का प्रस्ताव रखा। विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए पूंजीगत व्यय लक्ष्य को 12.2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष के 11.2 लाख करोड़ रुपये से अधिक है।
कृषि और जलाशयों का विकास
बजट में किसानों की आय बढ़ाने के लिए 500 जलाशयों और अमृत सरोवरों के विकास का प्रस्ताव है। इसके साथ ही, तटीय क्षेत्रों में मत्स्य मूल्य श्रृंखला को मजबूत करने और स्टार्टअप्स तथा महिलाओं के समूहों को मत्स्य कृषक उत्पादक संगठनों से जोड़ने का भी सुझाव दिया गया है।
आर्थिक लक्ष्यों का निर्धारण
सीतारमण ने उच्च मूल्य वाली खेती को बढ़ावा देने के लिए तटीय क्षेत्रों में नारियल, चंदन, कोको और काजू जैसी फसलों में सहायता देने का प्रस्ताव रखा। आयकर की दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। वित्त वर्ष 2026-27 के लिए राजकोषीय घाटा 4.3 प्रतिशत रखने का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले वर्ष के 4.4 प्रतिशत से कम है। इसके अलावा, कर्ज-जीडीपी अनुपात को घटाकर 55.6 प्रतिशत करने का प्रस्ताव है।
